जिंबाब्वे के महान क्रिकेटर हीथ स्ट्रीक (Heath Streak Dies) का निधन हो गया है। स्ट्रीक के पूर्व साथियों के मुताबिक, जिंबाब्वे के पूर्व कप्तान लंबे समय से कैंसर से लड़ाई लड़ रहे थे। स्ट्रीक जिंबाब्वे के सर्वकालिक दिग्गज क्रिकेटरों में शुमार थे। दिग्गज ऑलराउंडर हीथ स्ट्रीक का 49 साल की उम्र में 22 अगस्त को निधन हो गया। स्ट्रीक ने जिम्बाब्वे के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 65 टेस्ट और 189 वनडे मैच खेले हैं। स्ट्रीक को कोलन और लिवर कैंसर था। उनका इलाज साउथ अफ्रीका में चल रहा था। स्ट्रीक 1997 से 2002 के बीच जिम्बाब्वे के क्रिकेटरों की स्वर्णिम पीढ़ी का हिस्सा थे।
एक दशक से अधिक के करियर में उन्होंने दोनों फॉर्मेट में कुल 4,933 रन बनाए। जबकि इस शानदार सफर के दौरान 455 विकेट चटकाए। इस दौरान उन्होंने 16 बार एक पारी में 4 विकेट, जबकि 7 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया है। वनडे क्रिकेट में भी हीथ स्ट्रीक का गेंद के साथ शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। जिम्बाब्वे बोर्ड के साथ टकराव के बाद 2004 में इस्तीफा देने से पहले स्ट्रीक ने 2000 के दशक में देश का नेतृत्व किया था। साल 2000 में जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने हीथ स्ट्रीक को टेस्ट और वनडे दोनों टीमों का कप्तान नियुक्त किया था।
स्ट्रीक की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने 21 टेस्ट मैचों में से चार मैच में जीत हासिल की, जबकि 11 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वहीं, वनडे में स्ट्रीक ने 68 मैचों में टीम की कप्तानी की और इसमें से 47 में जहां हार मिली तो वहीं 18 मैच टीम ने अपने नाम किए। उन्होंने 31 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। 2005 में रिटायर होने के बाद स्ट्रीक को 2009 में राष्ट्रीय टीम का गेंदबाजी कोच बनाया गया था। वह स्टार-स्टडेड कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे, जिसमें ग्रांट फ्लावर और पूर्व अंग्रेजी क्रिकेटर एलन बुचर शामिल थे।
2021 में स्ट्रीक को एक फ्रेंचाइजी-आधारित लीग के दौरान खिलाड़ियों से संपर्क करने में एक सट्टेबाज की सहायता करने का दोषी पाया गया था। इसके बाद स्ट्रीक को ICC की भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों का उल्लंघन करने के लिए आठ साल के लिए सभी क्रिकेट गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया गया था। उन्होंने ICC द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को स्वीकार कर लिया, लेकिन अपने खिलाफ मैच फिक्सिंग के दावों से इनकार किया।