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बच्चियों के साथ गैंगरेप के लिए अब होगी मौत की सजा, गृह मंत्री ने संसद में पेश किया IPC, CrPC को बदलने वाला विधेयक

अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) पर नया विधेयक देशद्रोह के अपराध को पूरी तरह से निरस्त कर देगा। शाह ने शुक्रवार को कहा कि तीन विधेयक भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 को आगे की जांच के लिए संसदीय पैनल के पास भेजा जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 11, 2023 पर 6:47 PM
बच्चियों के साथ गैंगरेप के लिए अब होगी मौत की सजा, गृह मंत्री ने संसद में पेश किया IPC, CrPC को बदलने वाला विधेयक
केंद्रीय गृह मंत्री ने पेश किया IPC, CrPC को बदलने वाला विधेयक

संसद (Parliament) के मानसून सत्र (Monsoon Session) के आखिरी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा में तीन बड़े विधेयक पेश किए, जो इंडियन पीनल कोड, कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर, इंडियन एविडेंस एक्ट को बदल देंगे। विधेयकों को पेश करते समय, शाह ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) पर नया विधेयक देशद्रोह के अपराध को पूरी तरह से निरस्त कर देगा।

अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि तीन विधेयक भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 को आगे की जांच के लिए संसदीय पैनल के पास भेजा जाएगा।

उन्होंने संसद के निचले सदन में कहा, "जिन कानूनों को निरस्त किया जाएगा... उन कानूनों का फोकस ब्रिटिश प्रशासन की रक्षा करना और उन्हें मजबूत करना था, विचार दंड देना था न कि न्याय देना। उन्हें बदल कर, नए तीन कानून ब्रिटिश प्रशासन की रक्षा करने की भावना लाएंगे।"

गौरतलब है कि भारत में आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए ब्रिटिश काल के तीन प्रचलित कानून आज तक काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "1860 से 2023 तक देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अंग्रेजों के बनाए गए कानूनों के अनुसार काम करती थी। इन तीन कानूनों के साथ देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में एक बड़ा बदलाव आएगा।"

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