Delhi-Mumbai Expressway: देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे पर इन वाहनों को चलने की नहीं होगी अनुमति, यहां देखें पूरी लिस्ट

Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मोटरसाइकिल, स्कूटर, तिपहिया और ट्रैक्टर को चलने की अनुमति नहीं होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 246 किलोमीटर लंबा दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड का 12 फरवरी को उद्घाटन किया था। इस एक्सप्रेस-वे ने राष्ट्रीय राजधानी से जयपुर तक यात्रा के समय को पांच घंटे से घटाकर लगभग साढ़े तीन घंटे कर दिया है

अपडेटेड Feb 19, 2023 पर 2:24 PM
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Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को बुधवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा

Delhi-Mumbai Expressway: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पहले फेज का उद्घाटन किया था। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ी अब एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मोटरसाइकिल, स्कूटर, तिपहिया और ट्रैक्टर को चलने की अनुमति नहीं होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्सप्रेसवे का 246 किलोमीटर लंबा दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड का 12 फरवरी को उद्घाटन किया था। इस एक्सप्रेस-वे ने राष्ट्रीय राजधानी से जयपुर तक यात्रा के समय को पांच घंटे से घटाकर लगभग साढ़े तीन घंटे कर दिया है।

नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के प्रोजेक्ट मैनेजर निदेशक मुदित गर्ग ने कहा, "एक्सप्रेसवे को बुधवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। नूंह के पास पहला टोल प्लाजा बनाया गया है, जहां कार फास्टैग को स्कैन किया जाएगा...एक्सप्रेसवे पर बुनियादी सुविधाएं जल्द ही उपलब्ध कराई जाएंगी।" दिल्ली से जयपुर जाने वालों के लिए दो वैकल्पिक रूट्स होंगे। उन्होंने कहा कि यात्री दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करते हुए सोहना के अलीपुर से राजीव चौक होते हुए राजस्थान के दौसा पहुंच सकेंगे।

2019 में हुआ था शिलान्यास


एक्सप्रेसवे को 2018 में शुरू किया गया था, जिसका शिलान्यास 9 मार्च, 2019 को किया गया था। इसके दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा के समय को लगभग 24 घंटे से घटाकर 12 घंटे करने और दूरी को 130 किमी कम करने की उम्मीद है। NHAI ने कहा है कि तेज गति वाले वाहनों की आवाजाही धीमी गति से चलने वाले वाहनों की कुछ कैटेगरी की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

उन्होंने कहा कि हाई स्पीड वाले वाहनों की आवाजाही तुलनात्मक रूप से धीमी गति से चलने वाले वाहनों के कुछ वर्गों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। जैसे दो पहिया, तिपहिया और अन्य धीमी गति से चलने वाले वाहन जैसे गैर-मोटर चालित वाहन, कृषि ट्रैक्टर (ट्रेलर के साथ या बिना) के कारण रफ्तार से समझौता करते हैं।

हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में किया गया है विकसित

बयान में कहा गया है कि एक्सप्रेसवे को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है और वाहनों की गति दूरी के साथ अधिकतम गति सीमा 80 किमी/घंटा से 120 किमी/घंटा के बीच है। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि इस एक्सप्रेसवे के विकास से पहले स्थानों को जोड़ने/विभिन्न गंतव्य प्वाइंट तक पहुंचने के लिए जनता के लिए वैकल्पिक रूट्स और सड़कें उपलब्ध थीं और हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित करते हुए इसे विकसित होते भारत की एक और भव्य तस्वीर करार दिया था। पीएम ने कहा था कि केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे में बड़ा निवेश कर रही है। दौसा में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने 18,100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण रिमोट दबाकर किया था।

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