आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जिसके बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए। सुबह 5.36 बजे देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके आए। भूकंप के झटके तेज थे और ये 10 सेकंड तक महसूस भी किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 बताई गई। भूकंप का केंद्र दिल्ली के धौलकुआं में दुर्गाबाई देशमुख कॉलेज के पास था। साथ ही इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर नीचे था। वहीं इसके बाद बिहार के सीवान में भी धरती कांप उठी। यहां भी भूकंप की तीव्रता 4.0 दर्ज की गई।
दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के कारण इमारतें भी पत्तों की तरह हिलने लगी थी। तेजी से आवाज भी सुनाई दे रही थी। भूकंप जैसे ही आया लोग अपने घरों से बाहर की ओर भागने लगे। फिलहाल किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। ऐसे में भूकंप (Earthquake) में क्या करना चाहिए जैसी बातें दिमाग में कौंधने लगती हैं। इसीलिए पहले से ही भूकंप को लेकर जागरूकता और सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।
आपदा वैसे तो संभलने का मौका नहीं देती लेकिन थोड़ा चौकन्ना रहकर आप जिंदगी बचाने की कोशिश जरूर कर सकते हैं। जानिए भूकंप जैसी स्थिति से निपटने के लिए आप कैसे तैयार रह सकते हैं।
1 - भूकंप के झटके जैसे ही महसूस हों तुरंत बिना देर किए घर, ऑफिस से निकल खुली जगह पर निकल जाएं। बड़ी बिल्डिंग्स, पेड़ों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें।
2 - यदि आप किसी ऊंची इमारत में रहते हैं, तो कंपन रुकने तक घर के अंदर ही रहें। कंपन रुकने पर इमारत खाली कर दें।
3 - घर से बाहर निकलते समय अपने आपको गिरने से बचाएं। इमारतों से दूर किसी खुले क्षेत्र में चले जाएं।
4 - बाहर जाने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल कतई न करें। सीढ़ियों से ही नीचे पहुंचने की कोशिश करें।
5 - अगर आप किसी ऐसी जगह हैं जहां बाहर जाने का कोई फायदा नहीं है। ऐसी स्थिति में अपने आस-पास ही ऐसी जगह खोजें, जिसके नीचे छिप कर खुद को बचाया जा सके। ध्यान रखें भूकंप के समय भागे नहीं इससे नुकसान की संभावना ज्यादा होगी।
6 - भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर रहें ताकि इनके गिरने और शीशे टूटने से चोट न लगे।
7 - टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे घुस जाएं और उसके लेग्स कसकर पकड़ लें ताकि झटकों से वह खिसके नहीं।
8 - कोई मजबूत चीज न हो, तो किसी मजबूत दीवार से सटकर शरीर के नाजुक हिस्से जैसे सिर, हाथ आदि को मोटी किताब या किसी मजबूत चीज़ से ढककर घुटने के बल टेक लगाकर बैठ जाएं।
9 - खुलते-बंद होते दरवाजे के पास खड़े न हों, वरना चोट लग सकती है।
10 - गाड़ी में हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंभों, फ्लाईओवर, पुल आदि से दूर सड़क के किनारे या खुले मैदान में गाड़ी रोक लें और भूकंप रुकने तक इंतजार करें।