अगर आप दिल्ली (Delhi) के किसी मेडिकल स्टोर (Medical Store) पर कोई दवा खरीदने जा रहे हैं तो अपने साथ डॉक्टर द्वारा लिखी गई पर्ची जरूर रख लें। जी हां, दिल्ली सरकार के एक आदेश के मुताबिक, अब राष्ट्रीय राजधानी के मेडिकल स्टोर वाले ग्राहकों को बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाइयां नहीं बेच सकेंगे। दिल्ली सरकार ने मेडिकल स्टोर पर बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवा बेचने पर रोक लगा दी है। अगर कोई मेडिकल स्टोर वाला बिना पर्चे के दवाएं बेचते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, AAP सरकार ने बैक्टीरिया संबंधित बढ़ती बीमारियों के चलते ये फैसला लिया है। सरकार ने आदेश देते हुए कहा है कि बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल स्टोर वाले एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसी दवाएं नहीं बेच सकते हैं। डिपार्टमेंट ऑफ ड्रग कंट्रोल ने दवा विक्रेताओं को दर्द की दवाओं का रिकॉर्ड रखने की भी सलाह दी है।
दरअसल, हाल के दिनों में राजधानी में डेंगू के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए डिपार्टमेंट ऑफ ड्रग कंट्रोल ने कहा था कि बरसात के मौसम में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की घटनाएं बढ़ जाती है। ऐसे इन बिमारियों पर बहुत सख्ती से निगरानी रखी जानी चाहिए।
दिल्ली में बढ़ रहे हैं डेंगू के मामले
राष्ट्रीय राजधानी में इस साल जुलाई के मध्य तक डेंगू के 160 से अधिक मामले सामने आए हैं, जो 2018 के बाद से इस अवधि का सर्वाधिक आंकड़ा है। दिल्ली नगर निगम (MCD) की विज्ञप्ति के मुताबिक, इस अवधि के दौरान मलेरिया के 54 मामले सामने आए हैं।
दिल्ली सरकार मच्छर-जनित बीमारियों के प्रसार से निपटने के लिए एक व्यापक कार्रवाई योजना लेकर आई है, जिसके तहत शहर में प्रचलित डेंगू वायरस के सीरोटाइप का पता लगाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय ने कहा कि कई इलाकों में बाढ़ के कारण इस साल राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने और यमुना के पानी में छोड़े गए गाद और कीचड़ को साफ करने के लिए कदम उठाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं।