5G नेटवर्क होंगे मजबूत, केंद्र सरकार से BSNL को मिलेगी संजीवनी

सरकार द्वारा 5G मोबाइल सेवाओं के लिए 2022 में स्पेक्ट्रम नीलामी आयोजित की जायेगी

अपडेटेड Feb 02, 2022 पर 11:26 AM
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सरकार को वित्त वर्ष 23 में लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम शुल्क से 52,806.36 करोड़ रुपये मिल सकते हैं

यूनियन बजट (Union Budget) के तहत भारत के दूरसंचार क्षेत्र के 5G को बढ़ावा मिलेगा, सरकार अगले वित्त वर्ष में 5G मोबाइल सेवाओं और स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू करने पर फोकस करेगी। इसके अलावा 5G डिजाइन-आधारित पहल के लिए एक परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम भी होगी। केंद्र सरकार घाटे में चल रहे भारत संचार निगम लिमिटेड (Bharat Sanchar Nigam Ltd (BSNL) को 4जी स्पेक्ट्रम, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और रिस्ट्रक्चरिंग के लिए 44,741 करोड़ रुपये की सहायता देगी और 4जी स्पेक्ट्रम के आवंटन पर वस्तु एवं सेवा कर के लिए अनुदान सहायता के रूप में 3,550 करोड़ रुपये की मदद करेगी।

ये मदद ऐसे समय की जा रही है जब सरकार को स्पेक्ट्रम नीलामी के बावजूद वित्त वर्ष 23 में लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम शुल्क से 52,806.36 करोड़ रुपये कमाने की उम्मीद है, जो इस वित्तीय वर्ष के 71,959 करोड़ रुपये से काफी कम है।

“सामान्य रूप से दूरसंचार और विशेष रूप से 5G तकनीक ग्रोथ को बढ़ा सकती है और नौकरी के अवसर प्रदान कर सकती है। निजी दूरसंचार प्रदाताओं द्वारा 2022-23 के भीतर 5G मोबाइल सेवाओं के रोलआउट की सुविधा के लिए आवश्यक स्पेक्ट्रम नीलामी 2022 में आयोजित की जाएगी," ऐसा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा।


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एक्पर्ट्स ने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण भारत में आर्थिक विकास के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी और ब्रॉडबैंड के महत्व पर जोर देने से दूरसंचार और इससे संबद्ध सेक्टर्स को और बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही 5G नीलामियों और रोलआउट पर फोकस करने से भारत को 5G सेवाओं को लॉन्च करने वाले देशों के साथ चलने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि 78 देशों में लगभग 200 दूरसंचार कंपनियां पहले ही 5G सेवाएं लॉन्च कर चुकी हैं।

EY में टीएमटी इमर्जिंग मार्केट लीडर प्रशांत सिंघल ने कहा, "बजट की घोषणा ने 5G में तेजी लाने के लिए बहुत जरूरी पुश दिया है।"

5G सेवाओं को आगे बढ़ाने का भार अब भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया (Bharti Airtel, Reliance Jio and Vodafone Idea) सहित दूरसंचार ऑपरेटरों के कंधों पर रहेगा, हालांकि दूरसंचार उद्योग ने बार-बार 5G आरक्षित कीमतों में कमी की मांग की है।

J. Sagar Associates के टोनी वर्गीस ने कहा “सवाल यह है कि कितने सेवा प्रदाता नीलामी में कूदने के लिए तैयार हैं। ज्यादातर टेलीकॉम कंपनियों की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह संभावना बन रही है कि कुछ बड़ी कंपनियां ही 5G ऑपरेशंस की ओर कदम बढ़ाएंगी।'

 

 

 

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