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बॉन्ड यील्ड में 2009 के बाद सबसे बड़ा उछाल, आखिर क्यों बढ़ रही है यील्ड?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले महीनों में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का ट्रेंड जारी रहने का अनुमान है। इसकी वजह है कि इनफ्लेशन 8 साल के हाई पर है। इसे काबू में करने के लिए RBI इंटरेस्ट रेट (Repo Rate) बढ़ाना जारी रखेगा। इसका सीधा असर बॉन्ड की कीमतें पर पड़ेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 08, 2022 पर 9:56 AM
बॉन्ड यील्ड में 2009 के बाद सबसे बड़ा उछाल, आखिर क्यों बढ़ रही है यील्ड?
बॉन्ड और उसकी यील्ड में विपरीत संबंध होता है। बॉन्ड की कीमत घठने पर उसकी यील्ड बढ़ जाती है। बॉन्ड की कीमत बढ़ने पर यील्ड घट जाती है।

बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) में उछाल है। इस साल अब तक बॉन्ड यील्ड 1.07 फीसदी बढ़ चुकी है। RBI के आने वाले महीनों में इंटरेस्ट रेट (Repo Rage) बढ़ाने के अनुमान से बॉन्ड यील्ड को सपोर्ट मिल रहा है। आम तौर पर इंटरेस्ट बढ़ने से बॉन्ड की चमक घट जाती है। बॉन्ड और उसकी यील्ड में विपरीत संबंध होता है। बॉन्ड की कीमत घठने पर उसकी यील्ड बढ़ जाती है। बॉन्ड की कीमत बढ़ने पर यील्ड घट जाती है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले महीनों में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का ट्रेंड जारी रहने का अनुमान है। इसकी वजह है कि इनफ्लेशन 8 साल के हाई पर है। इसे काबू में करने के लिए RBI इंटरेस्ट रेट (Repo Rate) बढ़ाना जारी रखेगा। इसका सीधा असर बॉन्ड की कीमतें पर पड़ेगा। सरकार के भी बजट में तय लक्ष्य के मुकाबले बाजार से (बॉन्ड के जरिए) ज्यादा कर्ज लेने की उम्मीद है। इससे भी बॉन्ड पर दबाव बढ़ रहा है।

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इससे पहले 2008 में ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद बॉन्ड यील्ड में जबर्दस्त उछाल आया था। 2009 के जून की शुरुआत में यील्ड 1.28 फीसदी बढ़ गई थी। तब ग्लोबल फाइनेंशियल की वजह से स्टॉक मार्केट्स में भी बड़ी गिरावट आई थी। इंडिया सहित दुनियाभर के स्टॉक मार्केट्स में गिरावट से इनवेस्टर्स को बड़ा लॉस हुआ था।

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