यूनियन बजट में टैक्स के नियमों को आसान बनाने वाले कई प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार ने बजट में टीडीएस फाइलिंग में देरी को अपराध की कैटेगरी से बाहर करने का प्रस्ताव पेश किया है। अब सरकार इसी तर्ज पर टीसीएस फाइलिंग में देरी को भी अपराध की श्रेणी से बाहर करना चाहती है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हम टीसीएस के मामले में भेदभाव खत्म करना चाहते हैं। इसके लिए फाइनेंस बिल में जरूरी संसोधन किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्द फैसला हो जाएगा।
