केंद्र सरकार ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (Neelachal Ispat Nigam Limited (NINL) के रणनीतिक विनिवेश के लिए वित्तीय बोलियां प्राप्त की हैं। डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (Department of Investment and Public Asset Management) सेक्रेटरी तुहिन कांत पांडे (Tuhin Kanta Pandey) ने गुरूवार 23 दिसंबर को ये जानकारी दी।
उन्होंने आगे कहा कि कर्ज में डूबे स्टील निर्माता के रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। बता दें कि 23 दिसंबर एनआईएनएल के लिए बोली लगाने की निर्धारित तिथि थी।
इससे पहले 15 दिसंबर को जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (Jindal Steel and Power Ltd (JSPL) के प्रबंध निदेशक वीआर शर्मा ने कहा था कि उनकी फर्म ओडिशा स्थित स्टील निर्माता के लिए 'आक्रामक' बोली लगाएगी।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शर्मा ने कहा, "हम इसके (NINL) प्रति बेहद गंभीर हैं और इसकी संपत्ति के लिए आक्रामक तरीके से बोली लगाएंगे। ओडिशा में हमारे संचालन के मामले में यह संपत्ति हमारे लिए अधिक वैल्यूएबल है।"
जेएसपीएल के एमडी ने एनआईएनएल की जमीन और खदानों सहित संपत्ति के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये मूल्य का अनुमान लगाया है।
इस बीच ओडिशा सरकार ने 6 दिसंबर को राज्य विधानसभा को सूचित किया था कि pig-iron बनाने वाली कंपनी NINL को पिछले पांच वर्षों में 3,234 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। केंद्र और राज्य द्वारा संचालित कई कंपनियों के ज्वाइंट वेंचर एनआईएनएल ने वित्तीय नुकसान का हवाला देते हुए 27 मार्च, 2020 को अपना काम बंद कर दिया था।
केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम MMTC की NINL में 49.78 प्रतिशत की बहुमत हिस्सेदारी है, जबकि Odisha Mining Corporation and Industrial Promotion और Investment Corporation of Odisha Ltd की इसमें क्रमशः 20.47 प्रतिशत और 12 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा NMDC, BHEL और MECON की भी एनआईएनएल में मामूली हिस्सेदारी है।