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FAO : भारत के निर्यात पर प्रतिबंध से दुनिया में बढ़ीं गेहूं की कीमतें, UN की एजेंसी ने गिनाईं वजह

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO) का प्राइस इंडेक्स मई में 157.4 प्वाइंट रहा, जो अप्रैल की तुलना में 0.6 फीसदी कम है। हालांकि, यह मई, 2021 की तुलना में 22.8 फीसदी ऊंचा रहा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 06, 2022 पर 9:31 AM
FAO : भारत के निर्यात पर प्रतिबंध से दुनिया में बढ़ीं गेहूं की कीमतें, UN की एजेंसी ने गिनाईं वजह
एफएओ ने कहा कि गेहूं की कीमतों में उछाल की मुख्य वजह प्रमुख निर्यातक देशों में फसल की स्थितियों को लेकर चिंताओं के बीच भारत के निर्यात पर प्रतिबंध का ऐलान है

भारत के गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध के फैसले के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में गेहूं की कीमतों में तेजी आई है। साथ ही रूस के हमले के चलते यूक्रेन में उत्पादन में कमी की आशंकाएं भी इसकी एक वजह है। संयुक्त राष्ट्र की फूड एजेंसी ने यह बात कही है।

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO) का प्राइस इंडेक्स मई में 157.4 प्वाइंट रहा, जो अप्रैल की तुलना में 0.6 फीसदी कम है। हालांकि, यह मई, 2021 की तुलना में 22.8 फीसदी ऊंचा रहा। यह इंडेक्स सामान्य फूड कमोडिटीज की बास्केट की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में होने वाले मासिक बदलाव पर नजर रखता है।

लगातार चौथे महीने बढ़ीं गेहूं की कीमतें

एफएओ सेरियल प्राइस इंडेक्स (FAO Cereal Price Index) मई में औसतन 173.4 प्वाइंट रहा, जो अप्रैल से 3.7 प्वाइंट (2.2 फीसदी) ज्यादा है और मई 2021 की वैल्यू से 39.7 प्वाइंट (29.7 फीसदी) ज्यादा है। यूएन की एजेंसी ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं की कीमतों में लगातार चौथे महीने बढ़ी, जो बीते साल की अपनी वैल्यू से औसत 56.2 फीसदी ज्यादा और मार्च, 2008 के अपने रिकॉर्ड हाई से सिर्फ 11 फीसदी नीचे है।

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