Get App

सरकार ने वेलफेयर प्रोग्राम के लिए खरीद में की कटौती, फिर भी भारतीय गेहूं किसानों को हो रहा फायदा, जानें कैसे

विदेशी शिपमेंट के लिए ज्यादा गेहूं उपलब्ध कराने के लिए, केंद्र ने अपने कल्याण कार्यक्रमों (Welfare Programmes) के लिए किसानों से खरीद में कटौती की है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 06, 2022 पर 6:42 PM
सरकार ने वेलफेयर प्रोग्राम के लिए खरीद में की कटौती, फिर भी भारतीय गेहूं किसानों को हो रहा फायदा, जानें कैसे
भारतीय गेहूं किसानों को हो रहा फायदा (FILE PHOTO)

रिपोर्ट- पीके कृष्णकुमार

भारतीय गेहूं किसान (Wheat Farmers) इस साल ज्यादा कमाई कर रहे हैं। इसका पूरा श्रेय 24 फरवरी को शुरू हुए रूस यूक्रेन युद्ध के बाद एक्सपोर्ट में आई बढ़ोतरी को जाता है। इस जंग ने ग्लोबल सप्लाई चेन को बाधित कर दिया है। कीमतें सरकार के तय किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,015 रुपए प्रति क्विंटल से ज्यादा हो गई हैं।

विदेशी शिपमेंट के लिए ज्यादा गेहूं उपलब्ध कराने के लिए, केंद्र ने अपने कल्याण कार्यक्रमों (Welfare Programmes) के लिए किसानों से खरीद में कटौती की है। केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने कहा कि सरकार ने अपनी खरीद को 44.4 मिलियन टन के ओरिजनल एस्टीमेट से घटाकर 19.5 मिलियन टन कर दिया है।

गेहूं की कीमतें 2,100 रुपए से 2,300 रुपए प्रति क्विंटल के बीच में हैं। कई किसान ज्यादा कीमतों की उम्मीद में स्टॉक करे हुए हैं। अगर एक्सपोर्ट मजबूत रहा, तो कीमतों में और तेजी आ सकती है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें