Get App

किसानों को सरकार का तोहफा, तिलहनों का आयात हुआ महंगा, लगातार 18 महीने से गिर रहे थे भाव

तिलहन की कीमतों में गिरावट को थामने के लिए सरकार ने सोयाबीन, सूरजमुखी, और पाम तेल के आयात पर ड्यूटी बढ़ा दी है जो आज 14 सितंबर से लागू हो गई है। इस फैसले से किसानों को फायदा मिलेगा क्योंकि घरेलू मार्केट में इनके भाव की गिरावट थम सकती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रिफाइंड तेल के भाव 18 महीने से गिर रहे हैं

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 14, 2024 पर 3:00 PM
किसानों को सरकार का तोहफा, तिलहनों का आयात हुआ महंगा, लगातार 18 महीने से गिर रहे थे भाव
किसानों को नुकसान न हो, इसे लेकर वित्त मंत्रालय ने कच्चे सोयाबीन, सूरजमुखी और पाम तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को शून्य से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है। वहीं रिफाइंड तेलों पर इसे 12.5 फीसदी से बढ़ाकर 32.5 फीसदी कर दिया गया है। (File Photo- Pexels)

तिलहन की कीमतों में गिरावट को थामने के लिए सरकार ने सोयाबीन, सूरजमुखी, और पाम तेल के आयात पर ड्यूटी बढ़ा दी है जो आज 14 सितंबर से लागू हो गई है। इस फैसले से किसानों को फायदा मिलेगा क्योंकि घरेलू मार्केट में इनके भाव की गिरावट थम सकती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रिफाइंड तेल के भाव 18 महीने से गिर रहे हैं और अगस्त में इसमें 4.6 फीसदी की गिरावट आई थी। भाव में गिरावट के चलते पाम तेल का आयात तेजी से बढ़ा। इस साल 2024 की पहली छमाही में पाम तेल के आयात में सालाना आधार पर 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं सूरजमुखी बीज, केसरिया फूल, और कपास के तेल का आयात भी इस दौरान 55 फीसदी बढ़ गया।

कितना महंगा हो गया आयात?

किसानों को नुकसान न हो, इसे लेकर वित्त मंत्रालय ने 13 सितंबर को एक नोटिफिकेशन जारी किया गया जिसके तहत कच्चे सोयाबीन, सूरजमुखी और पाम तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को शून्य से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया जो आज से लागू हो गया है। वहीं रिफाइंड तेलों पर इसे 12.5 फीसदी से बढ़ाकर 32.5 फीसदी कर दिया गया है। इन बदलावों के बाद अब कच्चे सोयाबीन, सूरजमुखी और पाम तेल पर 5.5 फीसदी की बजाय 27.5 फीसदी और रिफाइंड तेलों पर 13.75 फीसदी की बजाय 35.75 फीसदी की ड्यूटी प्रभावी होगी।

जरूरत का 70 फीसदी तिलहन होता है आयात

सब समाचार

+ और भी पढ़ें