तिलहन की कीमतों में गिरावट को थामने के लिए सरकार ने सोयाबीन, सूरजमुखी, और पाम तेल के आयात पर ड्यूटी बढ़ा दी है जो आज 14 सितंबर से लागू हो गई है। इस फैसले से किसानों को फायदा मिलेगा क्योंकि घरेलू मार्केट में इनके भाव की गिरावट थम सकती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रिफाइंड तेल के भाव 18 महीने से गिर रहे हैं और अगस्त में इसमें 4.6 फीसदी की गिरावट आई थी। भाव में गिरावट के चलते पाम तेल का आयात तेजी से बढ़ा। इस साल 2024 की पहली छमाही में पाम तेल के आयात में सालाना आधार पर 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं सूरजमुखी बीज, केसरिया फूल, और कपास के तेल का आयात भी इस दौरान 55 फीसदी बढ़ गया।
