इंटनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) अनुमान को घटाकर 8.2 फीसदी कर दिया है। इससे पहने IMF ने वित्त वर्ष 2023 में भारत की जीडीपी ग्रोथ के 9 फीसदी पर रहने का अनुमान जताया था। IMF ने कहा कि साल 2022 में भारत दुनिया का तीसरी सबसे तेज ग्रोथ करने वाली अर्थव्यवस्था होगी। भारत का ग्रोथ रेट दर चीन के 4.4 फीसदी के ग्रोथ रेट की तुलना में करीब दोगुना होगा।
IMF ने मंगलवार 19 अप्रैल को जारी सालाना 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' रिपोर्ट में कहा कि ग्लोबल जीडीपी की ग्रोथ रेट मौजूदा साल में 3.6 फीसदी रहने का अनुमान है। यह 2021 में जताए गए अनुमान 6.1 फीसदी से काफी कम है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ रेट 2021 में 8.9 फीसदी थी। जबकि 2023 में इसके 6.9 फीसदी रहने की संभावना है। साल 2023 की आर्थिक ग्रोथ रेट अनुमान में कमी का एक प्रमुख कारण रूस-यूक्रेन जंग है। इसके कारण फ्यूल और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़े हैं और विकास की रफ्तार धीमी पड़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार, जापान समेत एशिया के लिए 2023 की आर्थिक ग्रोथ के अनुमान को 0.9 फीसदी जबकि भारत के मामले में 0.8 फीसदी कम किया गया है। यह कमजोर घरेलू मांग को बताता है क्योंकि तेल के ऊंचे दाम से निजी खपत और निवेश पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है।
IMF ने अपनी रिपार्ट में ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ रेट 2022 और 2023 में 3.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। यह जनवरी में जताए गए अनुमान से क्रमश: 0.8 फीसदी और 0.2 फीसदी कम है। ग्रोथ रेट अनुमान में कमी युद्ध का रूस और यूक्रेन के साथ दुनिया के अन्य देशों पर पड़ने वाले प्रभाव को बताता है।
रिपोर्ट में चीन का आर्थिक ग्रोथ रेट 2022 में 4.4 फीसदी और 2023 में 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। चीन की जीडीपी ग्रोथ रेट 2021 में 8.1 फीसदी रही। अमेरिका की ग्रोथ रेट 2022 में 3.7 फीसदी और 2023 में 2.3 फीसदी रहने की संभावना जताई गई है। साल 2021 में अमेरिकी की इकोनॉमी ग्रोथ रेट 5.7 फीसदी थी।
रिपोर्ट के अनुसार, रूस और यूक्रेन दोनों के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडेक्शन (GDP) में 2022 में बड़ी गिरावट की आशंका है। सबसे बड़ी गिरावट यूक्रेन में होगी। इसका कारण रूस के आक्रमण और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचना और लोगों का सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को बताया गया है।