भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से UAE को निर्यात किए जाने वाले अधिकत भारतीय उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी कम हो जाएगा। इस समझौते का नाम कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CSEA) है। 2014 में पहली बार सत्ता में आने के बाद से नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा साइन किया गया यह पहला बड़ा व्यापार समझौता है।
दोनों देशों के बीच यह समझौता नई दिल्ली में हुआ, जहां भारत की तरफ से कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल और UAE की तरफ से इकोनॉमी मिनिस्टर अबदुल्ला बिन तौक अल मर्री ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते से बहुत सारे उत्पादों पर लगने वाले इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती होगी। हालांकि भारत सरकार को मुख्य रूप से इससे जेम्स एंड ज्वैलरी और कपड़ों के निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है।
भारत सरकार इस समझौते के बाद यूएई के साथ अगले 5 साल में कुल व्यापार के 100 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद कर रही है। ग्लोबल लेवल यूएई, अमेरिका और चीन के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार पार्टनर है। वित्त वर्ष 2021 के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार के 59 बिलियन डॉलर होने का अनुमान था।
इससे पहले दिन में भारत के प्रधानमंभी नरेंद्र और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सेना के डिप्टी सुप्रीम कमांडर शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच भारत-यूएई शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बातचीत में इस समझौते का मुख्य रूप से जिक्र किया गया था।
ऑस्ट्रेलिया और इजराइल के साथ भी हो सकता है व्यापार समझौता
मनीकंट्रोल ने पिछले महीने प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया था कि भारत और यूएई के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत पूरी होने वाली है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के साथ प्रस्तावित समझौते पर भी बातचीत अग्रिम दौर में पहुंच चुकी है। वहीं पीयूष गोयने ने जनवरी में एक बयान में कहा था कि इजराइल के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बात चल रही है।