भारत सरकार महंगाई (Inflation) को नियंत्रित करने और इससे जुड़े उपायों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ मिलकर काम कर रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से गुरुवार 11 अगस्त को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि महंगाई का दबाव अभी कम नहीं हुआ है। लेकिन कच्चे तेल और एडिबल ऑयल जैसे फूड आइट्स की कीमतों में गिरावट के चलते आगे इनमें कमी आने का अनुमान है।
बता दें कि शुक्रवार 12 अगस्त को जुलाई महीने के महंगाई के आंकड़े जारी करने वाली है। अनुमान है कि जुलाई महीने में देश की खुदरा महंगाई दर 7 फीसदी से कम रह सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह लगातार तीसरा महीना होगा जब महंगाई दर में गिरावट दर्ज की जाएगी। रॉयटर्स के एक पोल के मुताबिक, जुलाई में फूड और फ्यूल की कीमतों में गिरावट देखी गई है और इसके चलते खुदरा महंगाई दर इस महीने में घटकर 6.78% रह सकती है।
वहीं मनीकंट्रोल द्वारा 18 अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए पोल के अनुसार जुलाई महीने में महंगाई दर गिरकर 6.7 प्रतिशत हो सकती है। बता दें कि जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index (CPI) आधारित महंगाई दर 7.01 प्रतिशत दर्ज की गई थी। मई में यह 7.04 फीसदी था।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार कुछ प्रमुख वस्तुओं की कीमतों में गिरावट आने के साथ ही खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी के कारण जुलाई में खुदरा महंगाई दर कम होने की संभावना है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग (Department of Consumer Affairs) के आंकड़ों से पता चलता है कि सभी छह एडिबल ऑयल्स की कीमतें जून की तुलना में जुलाई में गिर गईं। इसके डेटा भी उपलब्ध हैं। एडिबल ऑयल्स की कीमतों में 0.4 फीसदी से 6.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
वहीं दालों की कीमतों में भी जुलाई में व्यापक रूप से गिरावट आई थी। अरहर और उड़द की दाल के दाम महीने-दर-महीने आधार पर क्रमश: 1.1 प्रतिशत और 0.2 प्रतिशत बढ़े हैं। जबकि चना, मूंग और मसूर दाल की कीमतों में 0.2 से 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।