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देश के टॉप बैंकर्स के साथ 27 जनवरी को मुलाकात करेंगे RBI गवर्नर, बैठक पर रहेगी निवेशकों की नजर

रिजर्व बैंक (RBI) के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा देश के सरकारी और प्राइवेट बैंकों के सीईओ के साथ पहली बार 27 जनवरी को मुलाकात करेंगे। यह एक शिष्टाचार मुलाकात होगी और इसमें कोई खास एजेंडा नहीं है। हालांकि, वह बैंक क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ, सिस्टम में संभावित दिक्कत, डिजिटल फ्रॉड और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 23, 2025 पर 8:23 PM
देश के टॉप बैंकर्स के साथ 27 जनवरी को मुलाकात करेंगे RBI गवर्नर, बैठक पर रहेगी निवेशकों की नजर
संजय मल्होत्रा इससे पहले भारत के रेवेन्यू सेक्रेटरी रह चुके हैं।

रिजर्व बैंक (RBI) के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा देश के सरकारी और प्राइवेट बैंकों के सीईओ के साथ पहली बार 27 जनवरी को मुलाकात करेंगे। यह एक शिष्टाचार मुलाकात होगी और इसमें कोई खास एजेंडा नहीं है। हालांकि, वह बैंक क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ, सिस्टम में संभावित दिक्कत, डिजिटल फ्रॉड और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है।

एक बैंक के सीईओ ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘चूंकि नए गवर्नर के साथ यह पहली औपचारिक बातचीत होगी, लिहाजा हम बैंकिंग सेक्टर को लेकर उनकी अपेक्षाओं को समझना चाहेंगे।’संजय मल्होत्रा इससे पहले भारत के रेवेन्यू सेक्रेटरी रह चुके हैं। वह 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। वह 11 दिसंबर को 3 साल के लिए रिजर्व बैंक के गर्वनर नियुक्त हुए थे। इससे पहले शक्तिकांत दास 6 साल तक रिजर्व बैंक के गवर्नर थे। उनका कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हुआ।

मल्होत्रा के कार्यभार संभालने से पहले सितंबर 2024 तिमाही में जीडीपी ग्रोथ डेटा 7 तिमाहियों के निचले स्तर यानी 5.4 पर्सेंट पर पहुंच गया था। इसके अलावा, हालिया आंकड़ों के मुताबिक बैंक क्रेडिट ग्रोथ 10.5–11.1 पर्सेंट के दायरे में रही है और हाल के महीनों में इसमें सुस्ती भी नजर आई है। ग्रोथ में सुस्ती और डिपॉजिट के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ने के बीच 1 अप्रैल से प्रस्तावित लिक्विडिटी कवरेज रेशियो, प्रोजेक्ट फाइनेंस गाइडलाइंस आदि को लागू किया जा सकता है।

हालांकि, बैंकर्स का कहना है कि उन्हें इन तीन प्रस्तावों को लागू करने को लेकर कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। एक सरकारी बैंक के सीईओ ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘हम इन मोर्चों पर स्पष्टीकरण चाहते हैं, लेकिन आगामी बैठक, बातचीत का सही मंच नहीं है।’

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