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RBI ने फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट जारी की, कहा सितंबर 2022 तक बढ़ सकता है बैंकों का ग्रॉस एनपीए

कॉर्पोरेट सेक्टर पर इस रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रेडिट ग्रोथ में सुधार के साथ ही कॉर्पोरेट सेक्टर में भी मजबूती आती दिख रही है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 29, 2021 पर 6:32 PM
RBI ने फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट जारी की, कहा सितंबर 2022 तक बढ़ सकता है बैंकों का ग्रॉस एनपीए
इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि घरेलू मोर्चे पर टीकाकरण में आई जोरदार तेजी के चलते इकोनॉमी की रिकवरी कोरोना के दूसरी लहर के झटके बाद एक बार फिर पटरी पर आती दिख रही है।

आरबीआई ने 29 दिसंबर को अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि सितंबर 2022 तक बैंकों का ग्रॉस एनपीए बढ़ सकता है। बैंकों का ग्रॉस एनपीए बढ़कर 8.1 फीसदी पर आ सकती है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोविड-19 का ग्लोबल इकोनॉमी पर असर पड़ा है।

देश में MSME सेक्टर में दबाव के संकेत मिल रहे है। ऐसे में MSME लोन पर नजर रखने की जरुरत है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने महामारी की चुनौतियां का अच्छी तरह से सामना किया है। कोरोना के बाद भी हमारी वित्तीय संस्थाएं अच्छी है। बैंकों की बैलेसशीट में मजबूती बरकरार है। पॉलिसी और रेगुलेटरी मदद से देश का वित्तीय बाजार स्थिति है। कोविड का दौरान भी भारत का एक्सटर्नल सेक्टर स्थिर रहा। यह अपने में बड़ी बात है।

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि घरेलू मोर्चे पर टीकाकरण में आई जोरदार तेजी के चलते इकोनॉमी की रिकवरी कोरोना के दूसरी लहर के झटके बाद एक बार फिर पटरी पर आती दिख रही है। हालांकि हाल में एक बार फिर रिकवरी की गति धीमी पड़ने के संकेत मिले है।

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