Crude Oil के प्राइस 40 डॉलर प्रति बैरल घटने पर सरकार ऑयल उत्पादक कंपनियों और रिफाइनरी कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स हटा लेगी। रेवेन्यू सेक्रेटरी तरुण बजाज ने यह कहा है। सरकार के पिछले हफ्ते यह टैक्स लगाया था।

Crude Oil के प्राइस 40 डॉलर प्रति बैरल घटने पर सरकार ऑयल उत्पादक कंपनियों और रिफाइनरी कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स हटा लेगी। रेवेन्यू सेक्रेटरी तरुण बजाज ने यह कहा है। सरकार के पिछले हफ्ते यह टैक्स लगाया था।
ऑयल कंपनियों पर यह टैक्स 1 जुलाई से लागू हो गया है। सरकार ने घरेलू बाजार में ऑयल की सप्लाई बढ़ाने के लिए यह टैक्स लगाया है। दरअसल, क्रूड की कीमतों में उछाल आने के बाद ओएनजीसी और ओआईएल जैसी घरेलू उत्पादक कंपनियों ने ऑयल का एक्सपोर्ट बढ़ा दिया था। इससे घरेलू बाजार में सप्लाई पर असर पड़ा था।
विंडफॉल टैक्स का असर ऑयल उत्पादक कंपनियों पर पड़ेगा। इनमें ONGC, OIL, Relaince Industries, Nayara Energy शामिल हैं। पिछले कुछ महीनों में इन कंपनियों के निर्यात में वृद्धि आई है।
बजाज ने कहा, "हर 15 दिन पर सरकार इस टैक्स को रिव्यू करेगी। अगर क्रूड के प्राइसेज गिर जाते हैं तो विंडफॉल खत्म हो जाएगा, फिर विंडफॉल टैक्स भी हटा लिया जाएगा।" उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि ऑयल का प्राइस अभी से 40 डॉलर प्रति बैरल गिर जाता है तो यह टैक्स खत्म हो जाएगा।
सोमवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स गिरकर करीब 111 डॉलर पर आ गया। ऑयल की कीमतों पर मंदी की आशंका का असर दिख रहा है। हालंकि क्रूड की सप्लाई कम बनी हुई है। सोमवार को यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियट 108 डॉलर प्रति बैरल था। बजाज ने यह नहीं बताया कि विंडफॉल टैक्स की वजह से सरकार को कितनी आमदनी होगी।
इधर, इस टैक्स की वजह से ओएनजीसी और ऑयल इंडिया के शेयरों की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। सोमवार को भी दोनों कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। ONGC के शेयर का प्राइस 1:32 बजे 4.27 फीसदी गिरकर 125.50 रुपये था। पिछले एक हफ्ते में यह शेयर 12 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। Oil India का शेयर 3.3 फीसदी गिरकर 206.80 रुपये था।
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