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Union Budget 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने इस बारे कई मुश्किल विकल्प

केंद्रीय बजट 2022-23 को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले तैयार किया जाना है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 22, 2021 पर 3:26 PM
Union Budget 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने इस बारे कई मुश्किल विकल्प
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बजट तैयार करते समय कई मुश्किल विकल्पों का सामना करना है

Union Budget 2022: केंद्रीय बजट 2022-23 को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले तैयार किया जाना है। इन राज्यों में गोवा, उत्तराखंड, मणिपुर, पंजाब और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसमें उत्तर प्रदेश राज्य का चुनाव सत्ताधारी दल के लिए इतना महत्वपूर्ण है कि ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने भी अपनी हालिया इंडिया इक्विटी स्ट्रैटजी नोट में इसका जिक्र किया है।

ब्रोकरेज ने अपने नोट में कहा, "चुनाव के लिहाज से भारत के सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव होने हैं। इस चुनाव में अगर सत्ताधारी दल को झटका मिलता है तो यह कई पॉलिसी की गति बदल सकता है। हम पहले भी कह चुके हैं कि सरकारी नीतियां हमारे आशावादी नजरिए का प्रमुख स्रोत हैं। अगर न्यूनतम असर की बात करें तो भी इस चुनाव में प्रतिकूल नतीजे अस्थिरता पैदा करेंगे।' मॉर्गन स्टैनली का यह नोट बताया है कि आगामी चुनवा कितने महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में जाहिर है कि केंद्रीय बजट को तैयार करते समय भी इन राज्यों पर नजर डाला जाएगा। इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस बार बजट तैयार करते समय कई अन्य मुश्किल विकल्पों का भी सामना करना है।

अर्थव्यवस्था की स्थिति

यह कहा जा सकता है कि बजट के पहले सरकार की वित्तीय स्थित अच्छी है। टैक्स से मिलने वाली आमदनी में उछाल आया है। नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट 23.9 फीसदी के ऊंचे स्तर पर है। RBI की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर से मार्च 2022 तक रेवेन्यू एक्सिपेंडिचर में 27 फीसदी के बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसी तरह कैपिटल एक्सिपेंडिचर में भी नंवबर से मार्च 2022 तक 54 पर्सेंट बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। रेवेन्यू एक्सपेंडिचर बढ़ने से आर्थिक रिकवरी को मजबूती मिलती है। वहीं कैपिटल एक्सपेंडिचर से ग्रोथ की संभावना मजबूत होती है।

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