Zee-Sony के हाथ मिलाने से शेयरधारकों का कितना होगा फायदा
ज़ी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment) और सोनी पिक्चर नेटवर्क्स (Sony Picture Networks) ने मर्जर के लिए समझौता किया है। ये समझौता उन्हें देश का दूसरा सबसे बड़ा मनोरंजन समूह (entertainment group) बना देगा और मनोरंजन इंडस्ट्री में इसकी एक मजबूत धमक बनेगी। इस मर्जर को राइट्स इश्यू के जरिये शेयरों को ट्रांसफर करते हुए पूरा किया जाएगा।
राइट्स इश्यू में कंपनी मौजूदा शेयरधारकों को कंपनी में अतिरिक्त शेयर रियायती मूल्य (discounted price) पर खरीदने का प्रस्ताव देगी। शेयरधारकों को ZEE में उनके मौजूदा 100 शेयरों के लिए विलय की गई इकाई (merged entity) के 85 शेयर मिलेंगे।
Zee के वर्तमान निदेशक मंडल ने एसपीई मॉरीशस (SPE Mauritius) और एस्सेल होल्डिंग्स (Essel Holdings) के बीच एक नॉन-कम्पीट एग्रीमेंट ( प्रतिस्पर्धा को प्रतिबंधित करनेवाला समझौता) को भी मंजूरी दी है।
सीनबीसी-टीवी18 की खबर के मुताबिक नॉन-कम्पीट दायित्वों के लिए एस्सेल होल्डिंग्स द्वारा एस्सेल मॉरीशस, सुभाष चंद्रा, पुनीत गोयनका और अमित गोयनका को 1,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जायेगा। प्रोमोटर इस पैसे को 300 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कंपनी में निवेश करेंगे।
किसके पास होगी कितनी हिस्सेदारी
विलय की गई इकाई में सोनी की 50.86 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, एस्सेल की 3.99 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी और आम लोगों के पास 45.15 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। संयुक्त इकाई को भारत में सार्वजनिक रूप से लिस्ट किया जाएगा।
कौन करेगा का मर्ज्ड इकाई का नेतृत्व
पुनीत गोयनका विलय की गई इकाई के प्रबंध निदेशक और सीईओ होंगे। हालांकि निदेशक मंडल के अधिकांश सदस्य सोनी द्वारा नियुक्त किए जाएंगे।
अब प्रोमोटर्स के पास कितनी होगी हिस्सेदारी
कंपनी के प्रोमोटर्स और संस्थापक संयुक्त इकाई में 20 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी नहीं रख सकते हैं। विलय के बाद वे जो भी शेयर खरीदेंगे उसके लिए कानूनों पालन करना होगा। यहां तक कि उनके पास Sony या किसी अन्य पार्टी से अधिक शेयर खरीदने का कोई पूर्व-अधिकार नहीं होगा।
वहीं एस्सेल समूह (Essel group) के पास कंपनी में 3.99 प्रतिशत हिस्सेदारी या 3.83 करोड़ शेयर हैं, जबकि पब्लिक के पास 96.01 प्रतिशत हिस्सेदारी या 92.19 करोड़ शेयर हैं।
क्या कोई और निवेश होगा? होगा तो कितना ?
Sony को 26.49 करोड़ शेयर मिलेंगे और कंपनी में 7,948 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। Zee के प्रोमोटरों को non-compete (गैर-प्रतिस्पर्धा) के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे, जिसे कंपनी में निवेश किया जाएगा।
मर्जर के बाद किसकी कितनी होगी शेयरहोल्डिंग
विलय की गई इकाई में Essel के पास कंपनी में 6.92 करोड़ शेयर या 3.99 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। Sony के पास कंपनी में 50.86 प्रतिशत या 88.31 करोड़ शेयर होंगे। आम लोगों की कंपनी में 45.15 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी जो कुल मिलाकर 78.39 करोड़ शेयर होंगे। कुल शेयरहोल्डिंग 173.63 करोड़ शेयरों की होगी। प्रोमोटर और Sony के द्वारा पैसे निवेश करने के बाद संयुक्त इकाई का मूल्य 52,000 करोड़ रुपये हो गया है।
Zee-Sony मर्ज्ड इकाई एक मार्केट लीडर होगी, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 33 प्रतिशत हो जायेगी, जो स्टार इंडिया के 29 प्रतिशत से अधिक होगी। मर्ज्ड इकाई की हिंदी फिल्मों के सेगमेंट में 63 प्रतिशत और सामान्य मनोरंजन सेगमेंट में 51 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी होगी।
क्या Invesco की चिंता अभी भी बनी हुई है?
हां, Zee के सबसे बड़े संस्थागत शेयरधारक इनवेस्को (Invesco) को इस बात की चिंता है कि प्रोमोटरों को विलय की गई इकाई में 20 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति दी जा रही है। इन्होंने कहा है कि प्रोमोटर्स को प्रिफरेंशियल इश्यू के जरिये हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति देने से रिटेल शेयरधारक की स्थिति कमजोर होगी।
Invesco ने यह भी सवाल किया कि नई इकाई सुभाष चंद्रा (subhash chandra) से प्रतिस्पर्धा का खतरा कैसे महसूस कर सकती है और गैर-प्रतिस्पर्धा ( non-compete) समझौता क्यों किया गया है। इसके अलावा Invesco गोयनका को विलय की गई इकाई का एमडी और सीईओ बनते नहीं देखना चाहता है। इसके मानना है कि उन्होंने सही कॉरपोरेट गवर्नेंस प्रैक्टिसेस का पालन नहीं किया है। हालांकि नई इकाई में गोयनका का एमडी और सीईओ होना डील का अहम हिस्सा है।