सरकार ने 2017 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लाकर टैक्स सुधार की शुरुआत की। GST का उद्देश्य टैक्स संरचना को सरल बनाना और टैक्स का बोझ कम करना था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में कुल जीएसटी कलेक्शन 9% बढ़कर 1.87 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा जीएसटी कलेक्शन है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जीएसटी रेट्स रैशनलाईज़ेशन पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) ने हाल ही में 35% के एक नए जीएसटी स्लैब का सुझाव दिया है। यह नया स्लैब मौजूदा 4 स्लैब्स के अलावा होगा, जो डिमेरिट गुड्स पर लगाया जाएगा, जिनमें कोल्ड ड्रिक्स, सिगरेट और तम्बाकू आते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे विकास में बाधा हो सकती है और कारोबार के साथ ही शेयर बाजार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
