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Unitech के पूर्व प्रमोटर्स तिहाड़ जेल में सीक्रेट ऑफिस से कर रहे थे कामकाज, ED ने SC को बताया

ईडी ने यूनिटेक लिमिटेड के केस में सुप्रीम कोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 27, 2021 पर 10:33 AM
Unitech के पूर्व प्रमोटर्स तिहाड़ जेल में सीक्रेट ऑफिस से कर रहे थे कामकाज, ED ने SC को बताया

चंद्रा और यूनिटेक लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate(ED) ने कहा कि संजय और अजय दोनों ने पूरी न्यायिक हिरासत को बेअसर कर दिया है क्योंकि वे स्वतंत्र रूप से संवाद कर रहे हैं। अपने अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं और जेल के अंदर से अपनी संपत्तियों का निपटान कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को कहा कि उसने यहां एक गुप्त भूमिगत कार्यालय (secret underground office) का पता लगाया है, जिसे यूनिटेक के पूर्व संस्थापक रमेश चंद्र द्वारा संचालित किया जा रहा था और पैरोल या जमानत पर होने के दौरान उनके बेटे संजय चंद्रा और अजय चंद्रा भी यहां आया-जाया करते थे।

ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान (Additional Solicitor General Madhavi Divan) ने न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और एम आर शाह (Justice D Y Chandrachud and M R Shah) की बेंच को बताया कि चंद्रा बंधुओं ने बाहर अपने संदेशों को पहुंचाने के लिए अपने अधिकारियों को निर्देश देने के लिए जेल के बाहर ही तैनात कर दिया है।

दीवान ने कोर्ट में कहा कि हमारी खोज-बीन और जब्ती अभियान के दौरान हमने एक गुप्त भूमिगत कार्यालय का पता लगाया है, जिसका उपयोग रमेश चंद्र द्वारा किया जा रहा है। जब उनके बेटे पैरोल या जमानत पर बाहर होते हैं तो वे उनसे मिलने आते हैं।

माधवी दीवान ने आगे कहा कि हमने उस कार्यालय से सैकड़ों मूल बिक्री डीड्स (original sale deeds), सैकड़ों डिजिटल हस्ताक्षर (digital signatures) और कई कंप्यूटर बरामद किए हैं, जिनमें भारत और विदेशों में उनकी संपत्तियों से संबंधित संवेदनशील जानकारी है।

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में दो स्टेटस रिपोर्ट सौंपी है और भारत और विदेशों में यूनिटेक लिमिटेड की 600 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।

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