महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के चेंबूर में आचार्य और मराठे कॉलेज हैं। इन दिनों यह कॉलेज फिर से सुर्खियों में छा गया है। कॉलेज प्रशासन ने कुछ समय पहले हिजाब पहनकर आने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद अब कॉलेज प्रशासन ने छात्र-छात्राओं के टी-शर्ट और फटी जींस पहनकर आने पर रोक लगा दी है। कॉलेज प्रशासन ने नया ड्रेस कोड जारी कर दिया है। सोमवार को टी-शर्ट और जींस पहनकर गए छात्रों को अंदर नहीं जाने दिया गया। करीब 40 छात्रों को ही गेट पर रोक दिया गया था।
इससे पहले इस कॉलेज हिजाब पर पाबंदी का मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा था। जिसे बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठीक माना था। कॉलेज की तरफ से कोर्ट में कहा गया था। यह फैसला ड्रेसकोड सुनिश्चित करने के लिए है। किसी धर्म और समुदाय को निशाना बनाना इसका मकसद नहीं है।
जानिए नए ड्रेस कोड में क्या कहा गया है
27 जून को कॉलेज प्रशासन ने नया ड्रेस कोड के मामले में नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में प्रिंसिपल के हस्ताक्षर हैं। इसमें कहा गया है कि छात्र फटी जींस, टी-शर्ट, खुले कपड़े और जर्सी पहनने की अनुमति नहीं है। इंडिय एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वो छात्रों को कॉर्पोरेट की दुनिया के लिए तैयार कर रहा है। कॉलेज का कहना है कि ड्रेस कोड के बारे में छात्रों को एडमिशन के समय ही बता दिया गया था। लिहाजा अब छात्र क्यों चितिंत हो रहे हैं। पिछले शैक्षणिक सत्र में कॉलेज ने जूनियर कॉलेज सेक्शन के छात्रों के लिए यूनिफॉर्म की शुरुआत की थी। इसमें हिजाब पर पाबंदी लगा दी गई थी।
छात्रों को कॉलेज कैंपस में किस तरह के कपड़े पहनना है
1 - छात्रों को कॉलेज कैंपस में औपचारिक और सभ्य (formal and decent) ड्रेस पहनना चाहिए।
2 – छात्र हाफ शर्ट, फुल शर्ट और ट्राउजर पहन सकते हैं।
3 – लड़कियां कोई भी इंडियन या वेस्टर्न ड्रेस पहन सकती हैं।
4 – छात्रों को कोई भी ऐसे कपड़े नहीं पहनना चाहिए, जिसमें धर्म या संस्कृति की असमानता हो।
5 – नकाब, हिजाब, बुर्का, स्टॉल, कैप, बैज को कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर कॉमन रूम में उतारना होगा। इसके बाद ही कॉलेज कैंपस में घूम सकेंगे।