NEET-UG Row: दिल्ली में NTA के ऑफिस में घुसे NSUI के सैकड़ों कार्यकर्ता, तोड़फोड़ के बाद दफ्तर में लगा दिया ताला

NEET-UG Row: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को परीक्षाओं के क्वेश्चन पेपर लीक होने की हालिया घटनाओं की जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि आगामी आम बजट में कई ऐतिहासिक कदम उठाये जाएंगे एवं प्रमुख आर्थिक निर्णय लिए जाएंगे

अपडेटेड Jun 27, 2024 पर 6:35 PM
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NEET-UG Row: मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर NTA जांच के घेरे में है

NEET-UG Paper Leak Row: कांग्रेस की छात्र शाखा NSUI ने मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम 'नीट-यूजी' में कथित धांधली के खिलाफ गुरुवार (27 जून) को दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के दफ्तर के बाहर भारी विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ के कार्यकर्ताओं ने छात्रों के लिए न्याय तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने NTA के दिल्ली कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं NSUI कार्यकर्ताओं ने NTA दफ्तर के मेन गेट पर लाता भी लगा दिया है। एनटीए सेंट्रल बॉडी है, जो NEET मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच के दायरे में है।

NSUI द्वारा शेयर किए गए मौके के वीडियो में बड़ी संख्या में छात्र संगठन के सदस्यों को NTA की बिल्डिंग के अंदर नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है। युवा कांग्रेस का कहना है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीजार्च किया जिसमें कई लोगों को चोटें आई हैं।

संगठन के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने पीटीआई से कहा, "नीट परीक्षा में धांधली और घोटाला सिर्फ 24 लाख छात्रों के साथ ही धोखा नहीं है, बल्कि देश की मेडिकल व्यवस्था और देश के भविष्य के साथ धोखा है। आज देश में ऐसी कोई परीक्षा नहीं है, जिसमें धांधली न हो। छात्रों ने सोशल मीडिया पर इस सरकार को 'एक बार फिर लीकेज सरकार' लिखना शुरू कर दिया है।"


उन्होंने मांग की कि नीट परीक्षा निरस्त करके फिर से कराई जाए और धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दें। दफ्तर के बाहर के सामने आए वीडियो में NSUI कार्यकर्ताओं की भीड़ पेड़ों से घिरी गली से होते हुए NTA भवन की ओर जाते हुए दिखाई दे रही है। वे दफ्तर के अंदर घुसकर चिल्ला रहे थे। बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली से पुलिस बलों द्वारा की गई गिरफ्तारियों के बाद CBI ने जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि इसमें देश भर में भ्रष्टाचार का रैकेट शामिल हो सकता है।

दो लोग गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नीट पेपर लीक होने के मामले में पहली बार गिरफ्तारियां की हैं। पटना से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि मनीष कुमार और आशुतोष कुमार ने परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को सुरक्षित परिसर कथित तौर पर मुहैया कराए जहां उन्हें लीक हुए क्वेश्चन पेपर तथा आंसर सीट दी गईं। सीबीआई ने नीट परीक्षा पत्र लीक मामले में छह FIR दर्ज की हैं।

नीट-यूजी परीक्षा देशभर में सरकारी तथा निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है। इस साल यह परीक्षा 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर पांच मई को आयोजित की गई। इसमें 23 लाख से अधिक उम्मीदवार बैठे थे।

सीबीआई ने इस मामले में पहली FIR रविवार को दर्ज की थी। इससे एक दिन पहले सरकार ने घोषणा की थी कि वह परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपेगी। प्रदर्शनरत छात्रों का एक वर्ग CBI से इस मामले की जांच कराने की मांग कर रहा था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को परीक्षाओं के क्वेश्चन पेपर लीक होने की हालिया घटनाओं की जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि आगामी आम बजट में कई ऐतिहासिक कदम उठाये जाएंगे एवं प्रमुख आर्थिक निर्णय लिए जाएंगे।

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