Parliament Session 2024: केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के चौथे दिन गुरुवार (27 जून) को संसद सदस्य के तौर पर शपथ ली। इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा पर भड़क गए। दरअसल, लोकसभा में सांसद के तौर पर शपथ लेने के बाद शशि थरूर ने 'जय संविधान' का नारा लगाया। जिसके बाद उन्होंने स्पीकर से हाथ मिलाया, जहां ओम बिरला ने उनकी नारेबाजी पर कहा कि आप पहले से ही संविधान की शपथ ले रहे हैं, तो 'जय संविधान' कहने की क्या जरूरत है।
इसके बाद कई सांसद सांसदों के नारेबाजी के बीच जब दीपेंद्र हुड्डा ने खड़े होकर इस पर आपत्ति जताई तो स्पीकर कांग्रेस सांसद पर भड़क गए। हुड्डा ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि आपको 'जय संविधान' पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए तो ओम बिरला ने कहा कि किस पर आपत्ति, किस पर नहीं, ये सलाह मुझे मत दिया करो... चलो बैठो।
दरअसल, I.N.D.I.A. गठबंधन के नेताओं की तरह शशि थरूर भी शपथ ग्रहण के दौरान संविधान की कॉपी लिए नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में शपथ के बाद "जय संविधान" का नारा लगाया। फिर स्पीकर से हाथ मिलाकर आसन से नीचे आए।
इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "संविधान की शपथ तो ले रहे हैं, बोलने की क्या जरूरत हैं?" उन्होंने कहा कि यह जो शपथ ली गई है, वह संविधान की है। इस पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने स्पीकर ओम बिरला को घेरने कोशिश की। उन्होंने कहा कि आप अब संविधान पर भी आपत्ति जता रहे हैं। इस पर आपको आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
दीपेंद्र हुड्डा ने आपत्ति जताई तो स्पीकर भड़क गए। उन्होंने कहा, "किसपे आपत्ति है, किसपे नहीं...सलाह मत दिया करो, बैठो..." बता दें कि दूसरी स्पीकर चुने गए ओम बिरला विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन के निशाने पर रहे हैं। स्पीकर ने पहले दिन से ही सख्त रुख अपनाया है। बता दें कि दीपेंद्र हुड्डा 5 बार के सांसद हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने दूसरी बार लोकसभा का स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई दी है। ओम बिरला के ध्वनिमत से 18वीं लोकसभा का स्पीकर चुने जाने के बाद परंपरा के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू उन्हें अध्यक्ष के आसन तक लेकर गए।