Get App

UP के मुरादाबाद में इस लाइब्रेरी का फ्री में उठाएं फायदा, UPSC से UGC NET तक की करें तैयारी

Free Library For Competitive Exams: अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं। किताबों का मिलना मुश्किल हो रहा है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद में एक लाइब्रेरी शुरू कर दी गई है। जहां फ्री में बैठकर आराम से तैयारी कर सकते हैं। यह लाइब्रेरी मुरादाबाद विकसा प्राधिकरण (MDA) की ओर से शुरू की गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 22, 2024 पर 11:37 AM
UP के मुरादाबाद में इस लाइब्रेरी का फ्री में उठाएं फायदा, UPSC से UGC NET तक की करें तैयारी
Free Library For Competitive Exams: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगी किताबें खरीदने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

हर छात्र का सपना होता है कि वह किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफल हो। इसके लिए सही रणनीति के साथ तैयारी, बेहतर मार्गदर्शन और अच्छी किताबों का अहम रोल होता है। बहुत से गरीब छात्र होते हैं, जो महंगी किताबें नहीं खरीद पाते हैं। इसके साथ ही कोचिंग का भी सहारा नहीं ले पाते हैं। ऐसे लोगों को अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (Moradabad Development Authority – MDA) ने अपने दफ्तर में ही जिज्ञासा लाइब्रेरी के नाम से एक प्लेटफॉर्म तैयार किया है। जहां हाएर एजुकेशन और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबिंधत किताबें मुहैया कराई गई हैं। यह लाइब्रेरी पूरी तरह से फ्री हैं।

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शैलेश कुमार का कहना है की शिक्षा सभी के लिए बहुत जरूरी है। कई बच्चे आगे जाना चाहते हैं, लेकिन उनके पास पढ़ने के लिए कोई साधन नहीं है। ऐसे बच्चों के लिए जिज्ञासा के नाम से इस लाइब्रेरी बनाई गई है। इस लाइब्रेरी में यूपीएससी, आईआईटी, नीट, के साथ-साथ किसी भी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जा सकती है।

जिज्ञासा लाइब्रेरी में किताबें कर सकते हैं दान

जिज्ञासा लाइब्रेरी पैसे नहीं लिए जाते हैं। यहां फ्री में बैटकर तैयारी कर सकते हैं। छात्रों के बैठने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। लोगों से अपील की गई है कि अगर कोई अपनी किताबें दान करना चाहते हैं तो यहां दान कर सकते हैं। हाल ही में मुरादाबाद के पाकबरा माता वाली मिलक की एक अध्यापिका ने जिज्ञासा लाइब्रेरी में कुछ किताबें दान की हैं। अध्यापिका मुक्ता रानी वार्ष्णेय ने कहा कि उनके बेटे ने हाएर एजुकेशन के लिए किताबें खरीदी थीं। उनके बेटे का चयन सरकारी नौकरी में हो गया है। अब ये किताबें घर पर अलमारी में ही रखी हैं। लिहाजा लाइब्रेरी में देना बेहतर है। यहां इन किताबों का इस्तेमाल होगा। मुक्ता रानी वार्ष्णेय ने अन्य लोगों से भी लाइब्रेरी में किताबें दान करने की अपील की है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें