वित्तीय संकट में फंसी गो फर्स्ट (Go First) एयरलाइन ने घोषणा की है कि उसने ऑपरेशन से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए 9 मई, 2023 तक सभी उड़ानें रद्द (Flight Cancel) कर दी हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया है, "हमें ये सूचित करते हुए खेद है कि ऑपरेशन से जुड़े कारणों से 9 मई 2023 तक निर्धारित गो फर्स्ट फ्लाइट कैंसल कर दी गई हैं।" इसके अलावा गो फर्स्ट ने 15 मई तक टिकट बुकिंग रोकने की घोषणा की है। इसके अलावा एयरलाइन यात्रियों को टिकट का पैसा लौटाने या भविष्य में यात्रा के लिए उनके इस्तेमाल की अनुमति देने पर विचार कर रही है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने बृहस्पतिवार को ये जानकारी दी।
एयरलाइन की तरफ से तीन मई से तीन दिन के लिए अपनी फ्लाइट कैंसल करने के फैसले के बाद DGCA ने गो फर्स्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
रेगुलेटर ने बयान में कहा, "गो फर्स्ट ने 15 मई तक अपनी उड़ानों के लिए टिकट बुकिंग रोकने की जानकारी है। एयरलाइन ने कहा है कि वह या तो यात्रियों को टिकट का पैसा लौटाएगी या उन्हें आने वाली किसी तारीख में फ्लाइट की सुविधा देगी।"
गो फर्स्ट के जवाब के बाद DGCA ने एयरलाइन से मौजूदा नियमनों के तहत निर्धारित समयसीमा में टिकट का पैसा लौटाने का निर्देश दिया है। रेगुलेटर ने कहा कि उसकी कोशिश है कि गो फर्स्ट की तरफ से अचानक फ्लाइट बंद करने से यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम-से-कम किया जा सके।
गो फर्स्ट ने अलग से कहा कि उसने परिचालन से जुड़े मुद्दों की वजह से अपनी उड़ानें नौ मई तक रद्द कर दी हैं।
एयरलाइन ने अपनी वेबसाइट पर डाली जानकारी में कहा कि हमें ये सूचित करते हुए काफी खेद है कि 9 मई, 2023 तक उड़ानें रद्द की जा रही हैं। जल्द यात्रियों को उनके टिकट का पूरा पैसा लौटाया जाएगा। बयान में आगे कहा गया है कि जल्दी ही पेमेंट के ओरिजनल मोड में फुल रिफंड की जाएगी।
गो फर्स्ट के वित्तीय लेनदारों की लिस्ट में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा लिमिटेड, IDBI बैंक लिमिटेड, Axis बैंक लिमिटेड और Deutsche Bank शामिल हैं।
Reuters ने इस घटनाक्रम से जड़े दो लोगों के हवाले से बताया, लेंडर्स को एयरलाइन के इनसॉल्वेंसी के लिए NCLT में आवेदन करने की योजना के बारे में पता नहीं था। इसलिए वे स्थिति का जायजा लेने के लिए जल्द ही बैठक करेंगे।