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ग्रीन एनर्जी में आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार की बड़ी योजना, नई यूनिट्स के लिए ग्लोबल बिड्स मंगाई

इस प्रोजेक्ट के तहत यूनिट्स लगाने वाली कंपनियों को प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत सब्सिडी मिलेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 25, 2021 पर 10:34 AM
ग्रीन एनर्जी में आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार की बड़ी योजना, नई यूनिट्स के लिए ग्लोबल बिड्स मंगाई

देश में ग्रीन एनर्जी इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार ने ग्रीनफील्ड एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने के लिए ग्लोबल बिड्स मंगाई हैं। देश में अभी ACC की पूरी डिमांड को इम्पोर्ट के जरिए पूरा किया जा रहा है।

इससे लिथियम आयन सेल्स के लिए चीन और ताइवान से काफी इम्पोर्ट हो रहा है। सरकार अब चाहती है कि लोकल या विदेशी कंपनियां ACC मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाएं।

इसके लिए सरकार की ओर से मदद दी जाएगी। इन बिड्स को अगले वर्ष जनवरी में खोला जाएगा।

बिड डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि प्रत्येक बिडर को न्यूनतम 5 GWh कैपेसिटी की ACC मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगानी होगी और दो वर्ष के अंदर न्यूनतम 25 प्रतिशत और पांच वर्षों में न्यूनतम 60 प्रतिशत का वैल्यू एडिशन करना होगा।

चुनी गई कंपनी को प्रति GWh कम से कम 250 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट करना होगा। इसमें जमीन की कीमत शामिल नहीं होगी।

यह प्रोजेक्ट प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत होगा और इन यूनिट्स को लगाने के लिए कुल 18,100 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा। सब्सिडी का भुगतान दो वर्ष की अवधि के बाद शुरू होगा।

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