Morbi Cable Bridge Collapse: इंजीनियरिंग का नायाब चमत्कार था 140 साल पुराना केबल ब्रिज, यूरोप की लेटेस्ट तकनीक से हुआ था निर्मण, ये है इतिहास

Morbi Cable Bridge Collapse: गुजरात के मंत्री बृजेश मेरजा ने बताया कि मोरबी में केबल ब्रिज गिरने से अब तक मरने वालों की संख्या 35 हो गई है। CM भूपेंदर पटेल ने कहा कि राज्य सरकार हर एक मृतक के परिवार को 4-4 लाख रुपए और घायलों को 50-50,000 रुपए देगी

अपडेटेड Oct 30, 2022 पर 10:31 PM
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Morbi Cable Bridge Collapse: इंजीनियरिंग का नायाब चमत्कार था 140 साल पुराना केबल ब्रिज

Morbi Cable Bridge Collapse: छठ पूजा (Chhath Puja) के दिन गुजरात (Gujarat) के मोरबी (Morbi) में एक बेहद ही दर्दनाक घटना हुई, जहां सदियों पुराना एक सस्पेंशन केबल ब्रिज अचानक के से भरभरा कर टूट (Cable Bridge Collapsed) गया। पुल पर मौजूद सैकड़ों लोग मच्छू नदी (Machchhu River) में जा गिरे और कई लोग पुल में फंस भी गए। गुजरात के मंत्री बृजेश मेरजा ने बताया कि गुजरात के मोरबी में केबल ब्रिज गिरने से अब तक मरने वालों की संख्या 60 से ज्यादा है। मंत्री घटना स्थल पर ही मौजूद हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने फोन कर पूरी घटना की जानकारी ली और सभी पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन भी दिया। घटना स्थल पर NDRF की टीम भी रेस्क्यू में जुटी हुई है।

PMO के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरबी में हुई दुर्घटना को लेकर गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) और बाकी अधिकारियों से बात की। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए टीमों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने को कहा है। उन्होंने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने को भी कहा है।


वहीं मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल खुद भी घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं इस त्रासदी में जान गंवाने वाले नागरिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।" गुजरात के सीएम ने ट्वीट कर कहा कि राज्य सरकार हर एक मृतक के परिवार को 4 लाख- 4 लाख रुपए और घायलों को 50-50,000 रुपए देगी।

गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने ट्वीट किया, "मैं आज अपने सभी आगे कार्यक्रमों को रद्द करके मोरबी के लिए रवाना हो रहा हूं। स्थिति की सीधे निगरानी और जरूरी समन्वय साइट पर पहुंचकर हासिल किया जाएगा।"

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, "मोरबी में हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं। इस विषय में मैंने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी व दूसरे अधिकारियों से बात की है। स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगा है। NDRF भी शीघ्र घटनास्थल पर पहुंच रही है। प्रशासन को घायलों को तुरंत उपचार देने के निर्देश दिए हैं।"

इंजीनियरिंग का एक नायाब चमत्कार था Cable Bridge

ये पुल कोई मामूली पुल नहीं था। इसे इंजीनियरिंग का एक नायाब चमत्कार भी कहते थे। मोरबी जिले की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, ये केबल ब्रिज एक टूरिस्ट स्पॉट था।

वेबसाइट के मुताबिक, सस्पेंशन ब्रिज मोरबी के शासकों की प्रगतिशील और वैज्ञानिक सोच को दर्शाता है। इसका निर्माण यूरोप में उन दिनों मौजूद लेटेस्ट तकनीक का इस्तेमाल करके मोरबी को एक विशिष्ट पहचान देने के लिए किया गया था।

यह 1.25 मीटर चौड़ा था और दरबारगढ़ पैलेस और लखधीरजी इंजीनियरिंग कॉलेज को जोड़ने वाली मच्छू नदी पर 233 मीटर तक फैला था।

Cable Bridge का इतिहास

इस पुल का उद्घाटन पहली बार 20 फरवरी, 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। इसे 1880 में लगभग 3.5 लाख रुपए की लागत से पूरा किया गया था। इसका सारा सामान इंग्लैंड से आया था और इसे दरबारगढ़ को नजरबाग से जोड़ने के लिए बनाया गया था।

अब, यह लटकता पुल हुआ कुंड महाप्रभुजी के आसन और पूरे समाकांठा क्षेत्र को जोड़ता था। यह सस्पेंशन ब्रिज 140 साल से भी ज्यादा पुराना है और अभी इसकी लंबाई करीब 765 फीट थी।

गुजरात टूरिज्म की वेबसाइट पर बताया गया है कि मोरबी के पूर्व शासक सर वाघजी ने औपनिवेशिक प्रभावों से प्रेरित होकर एक तकनीकी रूप से संपन्न और बहुमुखी शहर का निर्माण किया। लोग शहर में एक बड़े सस्पेंशन ब्रिज के जरिए पहुंचते थे, जो उस समय का एक कलात्मक और तकनीकी चमत्कार है।

दो करोड़ की लागत से हुआ था रेनोवेशन

स्थानीय रूप से, इसे जुल्तो पूल भी कहा जाता था और यह मोरबी के सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस में से एक था। मोरबी, एक प्रमुख औद्योगिक शहर था। इसमें हजारों कारखाने सिरेमिक टाइलें और बाथरूम प्रोडक्ट और दीवार घड़ियां बनती थीं।

मणि मंदिर के पास मच्छू नदी पर बने सस्पेंशन पुल को छह महीने तक रेनोवेशन के लिए बंद किए जाने के बाद पांच दिन पहले ही फिर से खोल दिया गया था। दो करोड़ रुपए की लागत से पुल का रेनोवेशन किया गया था।

वहीं प्रधान मंत्री ने अपनी जान गंवाने वालों में से हर एक के परिजनों के लिए PMNRF से ​​2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि की भी घोषणा की है। साथ ही घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।

Cable bridge collapsed: गुजरात के मोरबी में केबल ब्रिज टूटा, कम से कम 32 लोगों की गई जान, घटनास्थल पर पहुंच रहे CM, रेस्क्यू जारी

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा,"हम वहां ज्यादातर लोगों को बचाने में सफल रहे हैं... हमें केंद्र से हर तरह की मदद मिल रही है। NDRF और दूसरी एजेंसियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। गिरने से घायल हुए ज्यादातर लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।"

संघवी ने कहा, "दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। शाम करीब साढ़े छह बजे इस पुल पर करीब 150 लोग थे, जब ये पुल ढह गया। महज 15 मिनट में फायर ब्रिगेड, कलेक्टर, जिला एसपी, डॉक्टर और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गए। मैं भी मौके पर जाऊंगा।

NDRF DG अतुल करवाली ने कहा, "गुजरात के मोरबी शहर में मच्छू नदी पर बना एक सस्पेंशन पुल गिरने के बाद बचाव अभियान में मदद के लिए NDRF की 3 टीमों को पहले ही भेजा जा चुका है। इसमें गांधीनगर से दो और एक बड़ौदा से है।"

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