भारत का गुजरात राज्य शुरू से ही औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। गुजरात राज्य सरकार हमेशा से अपने राज्य को देश भर में औद्योगिक और आर्थिक रूप से ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रयासरत रहती हैं। अब नव निर्वाचित सरकार ने भी राज्य को औद्योगिक रूप से काफी आगे ले जाने के लिए कमर कस ली है, ऐसा प्रतीत होता है। नई सरकार का अगले 5 सालों में गुजरात को 1 ट्रिलियन डॉलर (1 लाख करोड़ डॉलर) की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार ने मेगा प्लान तैयार किया है। सीएम भूपेंद्र पटेल (CM Bhupendra Patel) ने इंडस्ट्री के डेवलपमेट का रोडमैप तैयार कर लिया है।
अगले पांच साल में गुजरात औद्योगिक रूप से काफी आगे बढ़ेगा। नयी सरकार ने जो प्लान बनाया है इसमें गुजरात को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाना शामिल है। इसके साथ ही सर्विस सेक्टर, न्यू एज इंडस्ट्री को मजबूत करना भी इसमें शामिल है। एविएशन, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए विशेष पॉलिसी का गठन किया जायेगा।
अगले 5 साल में 5 लाख करोड़ का FDI लाने का सरकार का प्लान है। नवसारी और सुरेंद्रनगर में मेगा टैक्सटाइल पार्क बनाया जायेगा। लघु उद्योगों को सब्सिडी देकर उसको और मजबूत करना भी सरकार की रणनीति का हिस्सा है। MSME के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर, धोलेरा में एविएशन पार्क, इकोनामिक एडवाइजर बोर्ड की रचना भी सरकार की योजना में शामिल है।
सीएनबीसी-आवाज़ के संवाददाता केतन जोशी ने अहमदाबाद में इसी मुद्दे पर इसी मुद्दे पर गुजरात के उद्योगमंत्री बलवंतसिंह राजपूत (Industry Minister Balwant Singh Rajput) से खास बातचीत की। इस बातचीत में राजपूत ने कहा कि 2003 से वाइब्रेंट समिट के कारण गुजरात नंबर वन पर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हम नई इंडस्ट्री वालों को यहां सारी सुविधाएं मुहैया करायेंगे। नई इंडस्ट्री को उनको क्या स्किल पॉवर चाहिए, वह पूछेंगे। सरकार उस हिसाब से उनको स्किल मुहैया कराएगी।
उद्योगमंत्री ने आगे कहा कि इन उद्योगों के कारण गुजरात में रोजगार भी बढ़ेगा। मुझे विश्वास है कि गुजरात में ज्यादा से ज्यादा उद्योगपति आएंगे। उन्होंने कहा कि हम सबको साथ लेकर गुजरात को औद्योगिक रूप से नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।