Get App

HIV Infection in Tripura: त्रिपुरा में 800 से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, 47 छात्रों की मौत, ये हैं लक्षण और बचाव

Tripura HIV positive Case: त्रिपुरा से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (Tripura State AIDS Control Society -TSACS) के मुताबिक, त्रिपुरा में एचआईवी से अब तक 828 छात्र पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं 47 छात्रों की मौत हो गई है। कई छात्र उच्च शिक्षा के लिए देश भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई करने के लिए त्रिपुरा से बाहर चले गए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 10, 2024 पर 11:33 AM
HIV Infection in Tripura: त्रिपुरा में 800 से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, 47 छात्रों की मौत, ये हैं लक्षण और बचाव
Tripura HIV positive Case: 828 छात्र एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें 572 छात्र अभी जीवित हैं।

एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम यानी एड्स पूरी दुनिया में तेजी से पाँव पसार रहा हैं। एचआईवी पाजटिव होने का मतलब आम तौर पर जिंदगी का अंत मान लिया जाता हैं। इस बीच देश के त्रिपुरा राज्य से एक बड़ी खबर सामने आई है। त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (Tripura State AIDS Control Society - TSACS) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि त्रिपुरा में एचआईवी से 47 छात्रों की मौत हो गई है। वहीं 828 छात्र एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें 572 छात्र अभी जीवित हैं। वहीं कई छात्र देश भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए त्रिपुरा से बाहर चले गए हैं।

त्रिपुरा एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने 220 स्कूलों, 24 कॉलेजों और कुछ विश्वविद्यालयों के छात्रों की पहचान की है जो इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं का सेवन करते हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए इसे प्रमुख कारण माना जा रहा है।

HIV के रोजाना 5-7 केस दर्ज हो रहे हैं

TSACS ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि हालिया डाटा से पता चलता है कि रोजाना एचाईवी के 5 से 7 नए मामले सामने आ रहे हैं। इस रिपोर्ट में 164 स्वास्थ्य सुविधाओं से डेटा एकत्र किया गया है। TSACS के अधिकारी ने बताया कि मई 2024 तक त्रिपुरा में एचआईवी संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 8,729 है। इनमें से 5,674 लोग जीवित बताए गए हैं। जिनमें 4,570 पुरुष, 1,103 महिलाएं और एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर मामलों में, संक्रमित पाए गए बच्चे संपन्न परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। ड्रग्स लेने और दूषित सूई के इस्तेमाल के कारण भी एचआईवी संक्रमण का जोखिम बढ़ता हुआ देखा जा रहा है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें