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Covid Vaccine के पेटेंट पर अड़े जर्मनी, जापान, ब्रिटेन और ब्राजील को मनाने में अमेरिका का साथ चाहता है भारत

जर्मनी, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, जापान और ब्राजील जैसे देश पेटेंट हटाने का विरोध कर रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 08, 2021 पर 11:08 AM
Covid Vaccine के पेटेंट पर अड़े जर्मनी, जापान, ब्रिटेन और ब्राजील को मनाने में अमेरिका का साथ चाहता है भारत

विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अमेरिका ने कोविड वैक्सीन पर पेटेंट सुरक्षा हटाने (Intellectual Property Rights-IPR) के भारत और साउथ अफ्रीका के प्रस्ताटव का समर्थन किया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि दुनियाभर में वैक्सीन की सप्लाई को बढ़ावा देने के लिए कोविड वैक्सीन के पेटेंट को अस्थायी रूप से हटाया (Patent Waiver) जाना चाहिए।

लेकिन जर्मनी, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, जापान और ब्राजील जैसे देश पेटेंट हटाने का विरोध कर रहे हैं। अमेरिका का साथ मिलने के बाद भारत अब यह उम्मीद कर रहा है कि जो बाइडेन (Joe Biden) प्रशासन WTO में इस प्रस्ताव के पक्ष में बैटिंग करे और यूरोपियन यूनियन के साथ जापान और ब्राजील जैसे अमीर देशों को इस प्रस्ताव को मानने के लिए मनाए।

भारतीय वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि भारत दक्षिण अफ्रीका के साथ मिलकर एक नए प्रपोजल बनाने पर विचार कर रहा है, ताकि अमीर देशों को इसके लिए मनाया जा सके। भारत चाहता है कि इस काम में अमेरिका उसका साथ दे और WTO में इस प्रस्ताव के पक्ष में यूरोपियन यूनियन, जापान और ब्राजील जैसे देशों को मनाए। इसके साथ ही रूस और चीन को मानाने में भी भारत अमेरिकी सहयोग चाहता है जो इस मुद्दे पर अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं।

कोविड वैक्सीन पर पेटेंट खत्म करने के भारत के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अमेरिका ने कहा कि वह वैक्सीन को बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) से बाहर रखने की WTO की पहल और भारत के प्रस्ताव का समर्थन करता है। भारत ने जो बाइडन से डब्ल्यूटीओ में कोविड-19 टीकों पर मिलने वाली छूट को नहीं रोकने का अनुरोध किया था और कहा था कि इस छूट से दुनियाभर में कोरोनावायरस के मरीजों के इलाज को बढ़ावा मिलेगा।

EU के कई अन्य  देश जैसे फ्रांस और इटली ने पेटेंट को अस्थानयी रूप से हटाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। भारत सहित जो देश कोविड वैक्सीान पर पेटेंट को हटाए जाने के प्रस्तासव के पक्ष में हैं, उनका कहना है कि इससे गरीब देशों में वैक्सीनन की उपलब्धाता बढ़ेगी। वहीं, दवा कंपनियों सहित इस प्रस्ताव का विरोध करने वालों की दलील है कि इससे कुछ खास फर्क नहीं पड़ेगा।

कोरोना वैक्सीन पर पेटेंट हटाए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए जर्मनी ने कहा है इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की सुरक्षा इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अहम है। इसके साथ किसी भी हाल में समझौता नहीं होना चाहिए। प्रस्ताव का विरोध करने वाले देशों का कहना है कि वैक्सीन के उत्पादन का पेटेंट से कोई सीधा संबंध नहीं है।

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