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Indus Waters Treaty: अब पानी के लिए भी तरसेगा पाकिस्तान? भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि में संशोधन के लिए जारी किया नोटिस

Indus Waters Treaty: भारत ने सितंबर 1960 की सिंधु जल संधि में संशोधन के लिए पाकिस्तान को नोटिस जारी किया है। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह नोटिस इस्लामाबाद द्वारा संधि को लागू करने को लेकर अपने रूख पर अड़े रहने के कारण जारी किया गया है

Curated By: Akhileshअपडेटेड Jan 27, 2023 पर 12:50 PM
Indus Waters Treaty: अब पानी के लिए भी तरसेगा पाकिस्तान? भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि में संशोधन के लिए जारी किया नोटिस
Indus Waters Treaty: भारत और पाकिस्तान ने 9 वर्षो की वार्ता के बाद 1960 में संधि पर हस्ताक्षर किए थे

Indus Waters Treaty: आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान (Pakistan Economic Crisis) में आटे दाल की कीमतें आसमान छू रही है। अनाज की किल्लत के बीच अब पाकिस्तान को नया झटका पानी को लेकर भी लगने वाला है। दरअसल, भारत ने सितंबर 1960 की सिंधु जल संधि में संशोधन के लिए पाकिस्तान को नोटिस जारी किया है। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह नोटिस इस्लामाबाद द्वारा संधि को लागू करने को लेकर अपने रूख पर अड़े रहने के कारण जारी किया गया है।

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि यह नोटिस सिंधु जल संबंधी आयुक्तों के माध्यम से 25 जनवरी को भेजा गया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के साथ हुई सिंधु जल संधि और उसकी भावना को अक्षरश: लागू करने का भारत दृढ़ समर्थक एवं जिम्मेदार साझेदार रहा है। सूत्रों ने बताया, ‘पाकिस्तान की कार्रवाइयों ने सिंधु जल संधि के प्रावधानों एवं इसे लागू करने पर प्रतिकूल प्रभाव डाला और भारत को इसमें संशोधन के लिए उचित नोटिस जारी करने के लिए मजबूर किया।’

क्या है 1960 की सिंधु जल संधि?

दरअसल, भारत और पाकिस्तान ने 9 वर्षो की वार्ता के बाद 1960 में संधि पर हस्ताक्षर किए थे। विश्व बैंक भी इस संधि के हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल था। इस संधि के मुताबिक, पूर्वी नदियों का पानी, कुछ अपवादों को छोड़ दें, तो भारत बिना रोकटोक के इस्तेमाल कर सकता है। भारत से जुड़े प्रावधानों के तहत रावी, सतलुज और ब्यास नदियों के पानी का इस्तेमाल परिवहन, बिजली और कृषि के लिए करने का अधिकार भारत को दिया गया।

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