International Women's Day: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च, 2023) को राजस्थान में महिलाएं एवं बालिकाएं रोडवेज की बसों में निशुल्क सफर कर सकेंगी। राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) की ओर से जारी एक बयान से यह जानकारी दी गई है। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह छूट राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में रहेगी। प्रस्ताव के अनुसार, यह सुविधा राजस्थान की सीमा में राजस्थान रोडवेज की समस्त साधारण एवं द्रुतगामी बसों में मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राज्य में लगभग 8.50 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं के बसों में यात्रा करने का अनुमान है। इस पर लगभग 7.50 करोड़ रुपये का वित्तीय भार अनुमानित है। इसके अलावा अशोक गहलोत सरकार ने उस बजट घोषणा को भी लागू कर दिया है, जिसमें रोडवेज की साधारण बसों के किराए में महिलाओं को अब 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया गया है।
महिलाओं को इस छूट का फायदा 1 अप्रैल 2023 से मिलेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक एक अप्रैल से महिलाओं को बसों में सफर करने के लिए 50 प्रतिशत ही किराया देना होगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने सिलसिलेवार ट्वीट में लिखा, "राजस्थान रोडवेज की साधारण बसों में छूट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत की गई है। यह छूट 1 अप्रेल, 2023 से लागू की जाएगी। साथ ही, निगम की साधारण बसों के अतिरिक्त शेष श्रेणी की बसों में महिलाओं को 30 प्रतिशत छूट यथावत रहेगी।"
सीएम ने अगले ट्वीट में लिखा, "राजस्थान रोडवेज की बसों में अब महिलाओं को सिर्फ 50 प्रतिशत किराया ही देना होगा। महिलाओं को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की साधारण बसों में राज्य की सीमा में किराए की छूट सीमा में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।"
गहलोत ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, "इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 3.50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023-24 बजट में छूट बढ़ोतरी के संबंध में घोषणा की थी। उक्त घोषणा के क्रम में यह मंजूरी दी गई है।"
मुफ्त यात्रा सेवा के अलावा राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (RSRTC) ने भी 1 अक्टूबर, 1964 को अपनी स्थापना के बाद से अपने व्यवसाय के 53वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। राज्य में यात्रा करने वाली जनता को आर्थिक, पर्याप्त, समयनिष्ठ और कुशल सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से निगम की स्थापना सड़क परिवहन अधिनियम 1950 के तहत की गई थी।