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Jammu Kashmir Encounter: कठुआ में दो आतंकी ढेर, किश्तवाड़ में दो जवान शहीद, सुरक्षा बलों ने 4 आतंकियों को घेरा

Kishtwar Encounter: जम्मू-कश्मीर में इसी महीने विधनासभा के चुनाव होने वाले हैं। इससे यहां सियासी पारा चढ़ गया है। इस बीच चुनाव से ठीक पहले आतंकी घटनाएं बढ़ गई हैं। आतंकी बड़ी साजिश रच रहे हैं। जिसे नाकाम करने के लिए सुरक्षआ बल अपनी बलदानी दे रहे हैं। किश्तवाड़ में दो जवान शहीद हो गए हैं। इससे पहले कठुआ में सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 14, 2024 पर 8:42 AM
Jammu Kashmir Encounter: कठुआ में दो आतंकी ढेर, किश्तवाड़ में दो जवान शहीद, सुरक्षा बलों ने 4 आतंकियों को घेरा
Kishtwar Encounter: बारामूला के चक टापर क्रेरी पट्टन इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी है।

जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले में शुक्रवार (13 सितंबर 2024) सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ उत्तरी कश्मीर जिले के पट्टन इलाके में हुई है। कश्मीर जोन पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि जम्मू-कश्मीर के बारामूला के चक टापर क्रेरी पट्टन इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी है। इससे पहले किश्तवाड़ में शुक्रवार को सेना और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस घटना में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए जबकि दो अन्‍य घायल हो गए हैं। जख्‍मी सेनिकों का इलाज नजदीकी अस्‍पताल में चल रहा है।

जान गंवाने वाले जवानों की पहचान नायब सूबेदार विपन कुमार और सिपाही अरविंद सिंह के रूप में हुई है। शुक्रवार सुबह भी सेना और आतंकियों की कठुआ में मुठभेढ़ हुई थी। इस दौरान दो आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। रात होते होते किश्‍तवाड़ा से सेना के लिए बुरी खबर आई। इधर 24 घंटे में सेना ने जवानों की शहादत का बदला ले लिया है। बारामूला में एक आतंकी ढेर कर दिया है।

45 साल बाद किसी पीएम का डोडा में दौरा

यह आतंकी घटना ऐसे समय में हुई है, जब कश्मीर में विधान सभा चुनाव प्रचार जारी है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (14 सितंबर) से चुनावी प्रचार शुरू कर रहे हैं। पीएम मोदी आज जम्मू कश्मीर के डोडा में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। 45 साल में पहली बार कोई कोई पीएम डोडा दौरे पर जा रहे हैं। ऐतिहासिक चुनावी कार्यक्रम डोडा स्पोर्ट्स स्टेडियम में होगा। 1979 में इंदिरा गांधी ने डोडा में रैली की थी। डोडा कई दशकों तक आतंकवाद से प्रभावित रहा है। रैली के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। रैली स्थल की ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसके लिए पूरे परिसर को सील कर दिया गया है। आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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