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Joshimath Sinking: जोशीमठ में अब तक 723 घर में आई दरारें, 131 परिवारों को किया गया शिफ्ट, पीड़ितों ने की मुआवजे की मांग

Joshimath Sinking: फिलहाल 86 घरों की पहचान "असुरक्षित" के रूप में की गई है। इन सभी के बाहर लाल रंग से 'एक्स' (खतरा) का निशान लगा दिया गया है। जोशीमठ में जमीन धीरे-धीरे धंस रही है और घरों, सड़कों और खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ रही हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि कई घर धंस गए हैं

Curated By: Akhileshअपडेटेड Jan 11, 2023 पर 10:37 AM
Joshimath Sinking: जोशीमठ में अब तक 723 घर में आई दरारें, 131 परिवारों को किया गया शिफ्ट, पीड़ितों ने की मुआवजे की मांग
Joshimath Sinking: उत्तराखंड के जोशीमठ में दरार वाली इमारतों की संख्या बढ़कर 723 हो गई है

Joshimath Sinking LIVE: उत्तराखंड के जोशीमठ (Joshimath) में क्षतिग्रस्त घरों की संख्या बढ़कर 723 हो गई है। इस बीच, होटल मालिकों और निवासियों के विरोध के कारण दो होटलों को गिराने का प्रस्तावित काम मंगलवार को पूरा नहीं हो सका। जोशीमठ संकट के कारण गुस्से और निराशा के बीच कुल 131 परिवारों को अस्थायी रिलीफ सेंटरों में शिफ्ट कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा को देखते हुए जोशीमठ के अंदर 344 राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं जिसमें 1,425 लोगों के रहने की व्यवस्था है। वहीं, जोशीमठ से बाहर पीपलकोटी में 491 शिविरों को चिह्नित किया गया है जिसमें 2,205 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है।

'शहर को दोबारा बसाने की कोशिश खतरनाक हो सकती है'

ऐहतियातन इलाके में अवरोधक लगाए गए हैं और होटल एवं उसके आसपास के मकानों में बिजली आपूर्ति रोक दी गई। ताजा डेटा के हवाले से पीटीआई ने बताया कि लोगों को घरों से निकालने के प्रयास जारी रहने के बीच अब तक कुल 131 परिवार अस्थायी राहत केंद्रों में पहुंच गए हैं। वहीं जोशीमठ में दरार पड़ने और जमीन धंसने से प्रभावित घरों की संख्या 723 हो गई है। इस बीच, जोशीमठ का सर्वे कर लौटे IIT कानपुर के राजीव सिन्हा ने दावा किया कि शहर को दोबारा बसाने की कोशिश खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि वहां 'स्लाइंडिंग जोन' के कारण पत्थर कमजोर हो चुके हैं।

86 घरों की पहचान "असुरक्षित" के रूप में की गई

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