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Kolkata Rape-Murder Case: कोलकाता की डॉक्टर से गैंगरेप की आशंका, प्राइवेट पार्ट से मिला 150 MG सीमन

Kolkata Doctor Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल के RG कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के बाद से पूरे देश में आक्रोश का माहौल दिखने को मिल रहा है। देशभर में जूनियर डॉक्टर, मेडिकल छात्रा और ज्यूनियर डॉक्टर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं

Akhileshअपडेटेड Aug 14, 2024 पर 6:50 PM
Kolkata Rape-Murder Case: कोलकाता की डॉक्टर से गैंगरेप की आशंका, प्राइवेट पार्ट से मिला 150 MG सीमन
Kolkata Doctor Rape-Murder Case: मृतक डॉक्टर के प्राइवेट पार्ट से 150 ग्राम लिक्विड मिला है

Kolkata Doctor Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 31 साल की पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्राइवेट पार्टी में काफी घाव और शरीर पर कई गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्राइवेट पार्ट में 150 मिलीग्राम से अधिक सीमन (150gm semen) की मौजूदगी भी पाई गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट के समक्ष अपनी याचिका में पीड़िता के माता-पिता ने दावा किया है कि उनकी बेटी के साथ एक से अधिक लोगों ने गैंगरेप किया है। इतना ही नहीं, कई रिपोर्टों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम डिटेल्स पढ़ने वाले डॉक्टरों ने कहा कि इतना अधिक लिक्विड मिलना गैंगरेप का संकेत है।

इंडिया टुडे के मुताबिक, पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़ने वाले एक डॉक्टर ने दावा किया है कि ट्रेनी के साथ दुष्कर्म के मामले में एक से ज्यादा लोगों की भूमिका हो सकती है। अखिल भारतीय सरकारी डॉक्टर संघ के अतिरिक्त महासचिव डॉ. सुवर्ण गोस्वामी ने कहा कि रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि महिला डॉक्टर के प्राइवेट पार्ट से 150 ग्राम लिक्विड मिला है। डॉ. गोस्वामी ने दावा किया है कि इतनी अधिक मात्रा में लिक्विड किसी एक व्यक्ति की नहीं हो सकती।

रिपोर्ट को देखने वाले डॉक्टर डॉ. सुवर्ण गोस्वामी का कहना है कि इतना सारा सीमन मिलना इस बात का संकेत है कि ट्रेनी डॉक्टर के साथ कई लोगों ने रेप किया। पीड़िता के पैर 90 डिग्री तक खुले थे। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस और मेडिकल कॉलेज मैनेजमेंट पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इस केस के अन्य आरोपियों को क्यों छिपाया जा रहा है? घटना सामने के आने के बाद सरकार ने इस्तीफा देने वाले प्रिसिंपल को दूसरे कॉलेज में तैनाती दी थी, जिसे कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया।

इंडिया टुडे ग्रुप के एक चैनल से बातचीत में मृतक डॉक्टर के रिश्तेदारों में से एक ने खुलासा किया कि पीड़िता के पैर 90 डिग्री पर थे, जो हड्डियों को जबरदस्ती नुकसान पहुंचाने का संकेत देते हैं। माता-पिता ने इस बात पर भी जोर दिया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कैंपस में पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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