Srettha Thavisin: थाईलैंड के प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन को कोर्ट ने किया बर्खास्त, जानें किस मामले में हुई कार्रवाई

Srettha Thavisin Removed: थाईलैंड में सियासी संकट बढ़ गई है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन को वहां की एक कोर्ट ने पद से बर्खास्त कर दिया है। बैंकॉक में संवैधानिक अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया कि रियल एस्टेट टाइकून और राजनीतिक श्रेथा ने जेल की सजा काट चुके एक वकील को मंत्रिमंडल में नियुक्त करके नैतिकता नियमों का उल्लंघन किया है

अपडेटेड Aug 14, 2024 पर 5:36 PM
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Srettha Thavisin Removed: थाविसिन पर अपने कैबिनेट में एक आपराधिक रिकॉर्ड वाले वकील को शामिल करने का आरोप था

Srettha Thavisin Removed: थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन को बर्खास्त कर दिया है। संविधान का उल्लंघन करने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया है। थाविसिन पर अपने कैबिनेट में एक आपराधिक रिकॉर्ड वाले वकील को शामिल करने का आरोप था। इस फैसले के बाद से थाईलैंड में एक बार फिर राजनीतिक भूचाल आ गया है। कोर्ट ने प्रधानमंत्री के इस कदम को नैतिकता का उल्लंघन बताते हुए दोषी ठहराया है। यह एक चौंकाने वाला फैसला है, जिससे थाईलैंड राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है। प्रधानमंत्री श्रेष्ठा थाविसिन ने बुधवार (14 अगस्त) को कहा कि वह अदालत के उस फैसले का सम्मान करते हैं।

बैंकॉक स्थित संवैधानिक अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि रियल एस्टेट के दिग्गज और राजनीतिक नेता श्रेथा ने जेल की सजा काट चुके एक वकील को कैबिनेट में नियुक्त करके नैतिकता नियमों का उल्लंघन किया है। कोर्ट के 9 जजों में से 5 ने श्रेष्ठा और उनके मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने कहा, "प्रधानमंत्री इस बात से भली-भांति परिचित थे कि उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया है, जिसमें नैतिक निष्ठा का गंभीर अभाव है।"

अदालत ने कहा कि जब तक संसद नए प्रधानमंत्री को पद ग्रहण करने की मंजूरी नहीं दे देती, तब तक मौजूदा कैबिनेट कार्यवाहक आधार पर बनी रहेगी। पीठ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्रेथा ने जानबूझकर क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले वकील को कैबिनेट में शामिल किया है। कैबिनेट में शामिल होने वाले वकील को 2008 में एक मामले में दोषी ठहराया गया था।


पीएम ने किया फैसले का स्वागत

प्रधानमंत्री ​​​श्रेथा के खिलाफ पूर्व सीनेटर्स ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। इन सभी सीनेटर्स को पिछली सरकार ने नियुक्त किया था। इससे पहले पिछले सप्ताह संवैधानिक कोर्ट ने मुख्य विपक्षी मूव फॉरवर्ड पार्टी को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही इसके सभी नेताओं पर 10 साल तक के लिए बैन लगा दिया था। थाईलैंड में अब नए सिरे से प्रधानमंत्री को नियुक्त किया जाएगा, जिस पर 500 सीटों वाली संसद में मतदान किया जाएगा।

कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे पीएम

अदालत के इस फैसले के बाद श्रेष्ठा ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर अपना कर्तव्य अच्छे से निभाया है। वे अब कोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे। हालांकि, वे इस बात से परेशान हैं कि अगली सरकार उनकी नीतियों को जारी रखेगी या नहीं। अब देश में एक नई सरकार का गठन किया जाएगा। सत्तारूढ़ फ्यू थाई (Pheu Thai) के नेतृत्व वाला गठबंधन प्रधानमंत्री के लिए एक नए उम्मीदवार को नामित करेगा।

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दर्जनों सांसदों पर लग चुके हैं बैन

लाइलैंड में पिछले दो दशकों में दर्जनों सांसदों को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है। कई पार्टियों को भंग कर दिया गया है। प्रधानमंत्रियों को तख्तापलट या अदालती फैसलों से उखाड़ फेंका गया है। सत्ता के लिए चल रही लड़ाई में न्यायपालिका एक अहम भूमिका निभा रही है। थाकसिन से जुड़े एक जमीन घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश करने के बाद वकील को 2008 में अदालत की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल हुई थी।

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