Ladli Laxmi 2.0: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने लड़कियों को उच्च शिक्षा हासिल करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद के लिए प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी लाड़ली लक्ष्मी 2.0 (Ladli Laxmi 2.0) वित्तीय सहायता योजना की शुरुआत की है। चौहान ने 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद 2007 में लाडली लक्ष्मी योजना शुरू की थी। यह योजना बालिका का जन्म होने पर पात्र बालिकाओं को अच्छी शिक्षा सुनिश्चित करने और समाज के दृष्टिकोण को बदलने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
चौहान ने बताया कि वे अपने भाषणों में अक्सर ‘बेटी है तो कल है (Beti hai to kal hai)’ जैसे नारे लगाते थे। एक बूढ़ी अम्मा ने यह नारा सुन कर उन्हें टोका था कि क्या बेटियों की विवाह की जिम्मेदारी आप लेंगे। यह सवाल उद्वेलित करने वाला था। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वह साल 1990 में विधायक बने तो सबसे पहले बेटियों के विवाह के लिए सहायता देने का कार्य शुरु किया।
सीएम ने बताया 'ऐतिहासिक दिन'
इस अवसर पर चौहान ने 1,477 लाडली लक्ष्मी योजना लाभार्थी लड़कियों के बैंक अकाउंट में कुल 1.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए ताकि उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाया जा सके। इस दौरान सीएम ने कहा कि वह एक ऐतिहासिक दिन था। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1991 में विदिशा से लोकसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने सांसद के तौर पर मिलने वाले भत्ते की राशि का इस्तेमाल लड़कियों की शादी में मदद देने के लिए की।
उन्होंने कहा कि 2005 में राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अधिकारियों को एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया था। इसका मकसद बेटी के जन्म दिन से लखपति बनाने के उद्देश्य से उसके नाम पर 1.43 लाख रुपये अलग-अलग चरणों में जमा करना है। उन्होंने कहा कि बेटी के 21 साल की होने पर उसे यह राशि दी जाएगी. बशर्ते की उसके माता-पिता 18 साल से पहले उसका विवाह नहीं करें।
उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी सरकार
उन्होंने कहा कि यह योजना 2007 में शुरु होने के बाद से बहुत लोकप्रिय हो गई है। वर्तमान में राज्य में 43 लाख से अधिक लाडली लक्ष्मी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को लड़कियों की शिक्षा से जोड़ा गया है। उच्च शिक्षा के लिए उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने का लक्ष्य है। चौहान ने कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 शुरु की गई है। सरकार उनके कॉलेज की फीस का भुगतान करने की व्यवस्था करेगी।