Covid-19 के बढ़ते मामलों के कारण मध्य प्रदेश में 31 जनवरी तक प्रतिबंधों को बढ़ाया गया, सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल बंद

पहली से बारहवीं कक्षा तक के स्कूलों को 15 जनवरी से बंद करने का फैसला किया गया है

अपडेटेड Jan 14, 2022 पर 3:12 PM
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किसी भी जुलूस और राजनीतिक रैली या सामाजिक सभाओं को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश (Shivraj Singh Chouhan) में पहली से बारहवीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही 20 जनवरी से होने वाली प्री-बोर्ड की परीक्षा भी अब टेक होम माध्यम से होगी। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट कर दी।

मध्य प्रदेश में क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल 15 से 31 जनवरी तक बंद रहेंगे।

सीएम ने कहा कि प्री-बोर्ड की परीक्षाएं जो 20 जनवरी से होने वाली थीं, इन परीक्षाओं को टेक होम के रूप में लिया जाए। उन्होंने आगे बताया कि मेलों, किसी भी जुलूस, राजनीतिक या सामाजिक रैली, बड़ी सभाओं के आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा। हॉल में कार्यक्रम हो सकेंगे, लेकिन बैठक क्षमता के केवल 50 प्रतिशत लोग ही उपस्थित रहेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सभी राजनीतिक, धार्मिक, शैक्षिक, मनोरंजन कार्यक्रम आदि खुले में आयोजित किए जाते हैं, तो अधिकतम संख्या 250 होगी। अभी के लिए बड़ी रैलियों, बड़े समारोहों, बड़े आयोजनों पर रोक रहेगी। आदेश में कहा गया है कि सभी खेल गतिविधियां दर्शकों के बिना की जा सकती हैं।

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शिवराज ने अधिकारियों से कहा कि जिला स्तरीय कोविड क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी जनता के सहयोग से COVID19 की रोकथाम के लिए निर्धारित निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराए। उन्होंने कहा कि अब जरूरी हो गया है कि सभी मास्क अवश्य लगाएं। जागरूकता संबंधी विशेष अभियान चलाएं और लोगों को प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि हमारी ब्लॉक स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी है ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारी के साथ मिलकर कोरोना की संख्या बढ़ाए। साथ ही विधायक साथी भी इसमें सहयोग करें, नजर बनाए रखें। एक 24×7 कार्यरत कंट्रोल रूम भी स्थापित कर लें।

सीएम चौहान ने कहा कि सभी जिलों में फीवर क्लीनिक की पर्याप्त संख्या होना चाहिए। इनकी संख्या बढ़ा दें, यहां कोरोना की जांच होना है। उन्होंने कहा कि मामूली लक्षण पर हो होम आइसोलेशन करें और यदि मामला गंभीर दिखे तो कोविड केयर सेंटर या अस्पताल में भर्ती करें।

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