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Mann ki Baat: Organ Donation के प्रति बढ़ी जागरूकता, बेटियां देश के सपनों को दे रही हैं ऊर्जा - पीएम मोदी

Mann ki Baat: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशावासियों को मन की बात कार्यक्रम के जरिए संबोधित कर रहे हैं। यह मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का ये 99वां एपिसोड है। मन की बात 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के अवसर पर शुरू किया गया था। महीने के आखिरी रविवार को यह कार्यक्रम प्रसारित किया जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 26, 2023 पर 12:05 PM
Mann ki Baat: Organ Donation के प्रति बढ़ी जागरूकता, बेटियां देश के सपनों को दे रही हैं ऊर्जा - पीएम मोदी
पिछली बार मन की बात कार्यक्रम 26 फरवरी को प्रसारित हुआ था

Mann ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) रविवार को इस साल के अपने तीसरे ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) प्रोग्राम के जरिये देश को संबोधित कर रहे हैं। 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के अवसर पर शुरू किया गया यह कार्यक्रम अब तक अपने 98 एपिसोड पूरे कर चुका है। मन की बात कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारा और आपका मन की बात का ये साथ अपने 99वें पायदान पर आ पहुंचा है। आम तौर पर हम सुनके  हैं कि 99 का फेर बहुत कठिन होता है। क्रिकेट में तो 'नर्वस नाइंटीज' को बहुत मुश्किल पड़ाव माना जाता है। लेकिन जहां भारत के जन-जन के मन की बात हो, वहां प्रेरणा ही कुछ और होती है।

उन्होंने आगे कहा कि चिकित्सा विज्ञान के इस दौर में अंगदान किसी को जीवन प्रदान करने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण साधन बन गया है। ऐसा कहा जाता है कि जब कोई व्यक्ति मृत्यु के बाद अपना शरीर दान करता है तो इससे आठ से नौ लोगों को नया जीवन मिलने की संभावना बनती है। संतोष की बात है कि ऑर्गन डोनेशन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। हमारे देश में साल 2103 में ऑर्गन डोनेशन के 5,000 से भी कम केस थे। साल 2022 में इनकी संख्या बढ़कर 15,000 हो गई है।

अबाबत कौर का किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि जब अबाबात कौर जब 39 दिन की थी। तब उनके माता-पिता ने बहुत बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपनी बेटी का अंग दान (Organ Donation) का फैसला किया। अंगदान के पीछे सबसे बड़ी भावना यही होती है कि जाते समय भी किसी की जान बचाई जाए। अंगदान का इंतजार करने वाले लोग जानते हैं कि इंतजार का एक-एक पल काटना कितना मुश्किल होता है। PM मोदी ने आगे कहा कि ‘मुझे संतोष है कि अंगदान को आसान बनाने और प्रोत्साहित करने के लिए पूरे देश में एक जैसी policy पर भी काम हो रहा है। इस दिशा में राज्यों के domicile की शर्त को हटाने का निर्णय भी लिया गया है। सरकार ने organ donation के लिए 65 वर्ष से कम आयु की आयु-सीमा को भी खत्म करने का फैसला लिया है।

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