Morbi Bridge Collapse: 'लोगों को पुल हिलाते देखा, तो लौट आए', इस शख्स का डर सही साबित हुआ, कुछ घंटे बाद ही गिरा केबल ब्रिज

Morbi Bridge Collapse: अहमदाबाद (Ahmedabad) के रहने वाले विजय गोस्वामी ने दहशत के उस पल को याद करते हुए कहा कि जब कुछ युवकों ने जानबूझकर पुल को हिलाना शुरू किया, तो लोगों का चलना मुश्किल हो गया

अपडेटेड Oct 31, 2022 पर 1:02 PM
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Morbi Bridge Collapse: अहमदाबाद के इस शख्स का डर सही साबित हुआ

Morbi Bridge Collapse: अहमदाबाद (Ahmedabad) के रहने वाले विजय गोस्वामी और उनका परिवार रविवार दोपहर गुजरात (Gujarat) के मोरबी (Morbi) में माच्छू नदी (Machchhu River) पर बने सस्पेंशन ब्रिज (Suspension Cable Bridge) पर घूमने गया था। हालांकि, ये परिवार समय हादसे से ठीक पहले पुल के आधे रास्ते से लौट आया, क्योंकि भीड़ में मौजूद कुछ युवकों ने हुड़दंग करते हुए पुल को हिलाना शुरू कर दिया था और इसी दहशत में ये लोग लौट आए थे।

इसके कुछ ही घंटे बाद उनकी आशंका सही साबित हुई और शाम करीब साढ़े छह बजे वो पुल ढह गया। गुजरात में औपनिवेशिक काल के इस पैदल पुल के टूटने के घटना ने न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया को हिला दिया है। इस हादसे को बीते सालों अब तक की सबसे घातक आपदाओं में से एक माना जा रहा है।

गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने सोमवार को कहा कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 134 हो गई, जबकि लापता माने जाने वाले दो लोगों की तलाश की जा रही है।


गोस्वामी ने दहशत के उस पल को याद करते हुए कहा कि जब कुछ युवकों ने जानबूझकर पुल को हिलाना शुरू किया, तो लोगों का चलना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि यह खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए वह और उनका परिवार पुल पर आगे बढ़े बिना ही पीछे लौट आए।"

उनका दावा है कि घटना को टाला जा सकता था, क्योंकि गोस्वामी ने कहा कि घर लौटने से पहले, उन्होंने पुल के कर्मचारियों को इसके बारे में आगाह किया था, लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

गोस्वामी ने कहा कि वह दिवाली की छुट्टी का मनाने के लिए परिवार के साथ मोरबी गए थे।

गोस्वामी ने अहमदाबाद पहुंचने के बाद मीडिया से कहा, "पुल पर भारी भीड़ थी। मैं और मेरा परिवार पुल पर थे, तभी कुछ युवकों ने जानबूझकर उसे हिलाना शुरू कर दिया। लोगों के लिए बिना किसी सहारे के खड़ा होना ही असंभव था। मुझे लग रहा था कि यह खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए मैं और मेरा परिवार पुल पर कुछ दूरी तय करके वापस आ गए।"

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उन्होंने आगे, “मौके से निकलने से पहले, मैंने ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों को लोगों को पुल को हिलाने से रोकने के लिए सतर्क किया। हालांकि, वे केवल टिकट बेचने में रुचि रखते थे और हमें बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने की कोई व्यवस्था नहीं है। हमारे जाने के कुछ घंटे बाद, हमारा डर सच हो गया, क्योंकि पुल आखिरकार ढह गया।"

एक प्राइवेट फर्म ने सात महीने के मरम्मत कार्य के बाद पांच दिन पहले ही ब्रिटिश काल के इस पुल को जनता के लिए फिर से खोल दिया गया था। हालांकि, एक अधिकारी के अनुसार, इसे नगरपालिका का "फिटनेस सर्टिफिकेट" नहीं मिला था।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पुल के सस्पेंशन केबल टूटने से पहले के दिल दहलाने वाले पलों को कैद कर लिया। इस घटना को हाल के दिनों में सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक माना गया। एक दूसरे वायरल वीडियो में, कुछ युवाओं को पुल की रस्सियों को लात मारते और हिलाते हुए भी देखा जा सकता है।

Morbi Bridge Collapse: लापता परिजनों की तलाश जारी

घटनास्थल पर मौजूद कई बच्चों ने मीडिया को बताया कि पुल गिरने के बाद उनके परिवार के सदस्य या माता-पिता लापता हो गए। एक 10 साल के बच्चे ने मीडिया को बताया, “जब पुल अचानक गिर गया, तो वहां भारी भीड़ थी। मैं बच गया क्योंकि, मैंने एक लटकी हुई रस्सी को पकड़ लिया और धीरे-धीरे ऊपर चढ़ गया, लेकिन मेरे पिता और मां अभी भी लापता हैं।"

हादसे में जिंदा बचे लोगों में शामिल मेहुल रावल ने कहा कि पुल के गिरने के समय करीब 300 लोग उस पर मौजूद थे। रावल को मोरबी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उन्होंने मीडिया को बताया, "जब हम उस पर थे तो पुल अचानक टूट गया। सभी लोग नीचे गिर पड़े। कई लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई को चोटें आई हैं। पुल इसलिए गिर गया, क्योंकि उस पर बहुत ज्यादा भीड़ थी।"

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