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Menstrual Leave: स्वतंत्रता दिवस पर ओडिशा की महिलाओं को तोहफा, सभी नौकरियों में एक दिन की पीरियड लीव की घोषणा

Menstrual Leave: केंद्र पेड पीरियड लीव को अनिवार्य करने की योजना नहीं बना रहा है। लेकिन ओडिशा के अलावा केरल और बिहार सहित कई राज्य ऐलान कर चुके हैं। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने 26 जुलाई को स्पष्ट किया था कि वर्तमान में सभी वर्कप्लेस के लिए पेड लीव को अनिवार्य करने की कोई योजना नहीं है

Akhileshअपडेटेड Aug 15, 2024 पर 7:48 PM
Menstrual Leave: स्वतंत्रता दिवस पर ओडिशा की महिलाओं को तोहफा, सभी नौकरियों में एक दिन की पीरियड लीव की घोषणा
Menstrual Leave: महिलाएं मासिक धर्म के दौरान शारीरिक पीड़ा का सामना करती हैं (Photo- X)

Menstrual Leave: ओडिशा सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के दिन गुरुवार (15 अगस्त) को सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए पीरियड लीव यानी माहवारी छुट्टी की घोषणा की। ओडिशा की डिप्टी सीएम पी. परिदा ने सरकारी और निजी क्षेत्र की महिला कर्मचारियों के लिए एक दिन के मासिक धर्म (Menstrual Leave) अवकाश नीति की घोषणा की। हालांकि, यह लीव वैकल्पिक होगा। परिदा के पास महिला एवं बाल विकास विभाग का भी प्रभार है। उन्होंने कटक में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद यह घोषणा की।

पीटीआई के मुताबिक, डिप्टी सीएम ने कहा, "महिला कर्मचारी मासिक धर्म चक्र के पहले या दूसरे दिन छुट्टी ले सकती हैं। लेकिन यह अवकाश वैकल्पिक होगा।" केन्या के नैरोबी में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सिविल सोसाइटी कॉन्फ्रेंस 2024 में एक उड़िया लड़की ने माहवारी के दौरान छुट्टी की मांग करते हुए आवाज उठाई थी।

ओडिशा की महिला कार्यकर्ता रंजीता प्रियदर्शनी ने भी मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को अवकाश देने के संबंध में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सभी प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने तर्क दिया कि दुनिया भर में महिलाएं मासिक धर्म के दौरान शारीरिक पीड़ा का सामना करती हैं।

यह घोषणा सभी मासिक धर्म वाली महिलाओं के लिए पेड लीव पॉलिसी की लंबे समय से लंबित मांग के बीच की गई है। 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से इस मामले में संबंधित एक्सपर्ट से सलाह लेकर विचार करने के लिए कहा था।

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