भारत में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के मामले लगातार बढ़ते दिख रहे हैं। दिल्ली में गुरुवार को ओमीक्रोन के 4 नए मामले मिले हैं। इसके साथ ही राजधानी में नए वेरिएंट के कुल मामले 10 हो गए हैं। इसके साथ ही अब देश में ओमीक्रोन के कुल मामले बढ़कर 77 हो गए हैं। 32 केस के साथ महाराष्ट्र नंबर एक पर है। वहीं, इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के चीफ ने कहा है कि ओमीक्रोन किसी भी अन्य वेरिएंट की तुलना में तेजी से फैल रहा है।
इस बीच, एक नए स्टडी के निष्कर्ष ओमीक्रोन को लेकर चिंता बढ़ाने वाले हैं। दक्षिण अफ्रीका के डॉक्टर्स से मिले डेटा पर की गई एक स्टडी के अनुसार, ओमीक्रोन वेरिएंट डेल्टा और सबसे पुराने मूल Covid-19 स्ट्रेन की तुलना में लगभग 70 गुना तेजी से संक्रमित करता है। हालांकि, दावा है कि बीमारी की गंभीरता बहुत कम होने की संभावना है।
हांगकांग यूनिवर्सिटी के मुताबिक, स्टडी में पाया गया कि डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले नया ओमीक्रोन वेरिएंट इंसानी फेफड़ों में रेप्लीकेट करने में 10 गुना कम प्रभावी है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इससे होने वाली बीमारी अधिक गंभीर नहीं होगी। यानी, ओमीक्रोन वेरिएंट एक इंसान से दूसरे इंसान तक तेजी से फैलता है, लेकिन फेफड़ों को उतना नुकसान नहीं पहुंचाता जितना डेल्टा या पिछले कोरोना वेरिएंट्स ने पहुंचाया है।
स्टडी में पाया गया कि संक्रमण के 24 घंटे बाद ओमीक्रोन श्वसन तंत्र में बहुत तेज गति से फैलता है। स्टडी के प्रमुख लेखक चान ने कहा कि हालांकि कई लोगों को संक्रमित करके, एक बहुत ही संक्रामक वायरस अधिक गंभीर बीमारी और मौत का कारण बन सकता है, भले ही वायरस खुद में कम रोगजनक हो। ओमीक्रोन वैक्सीन और पिछले इंफेक्शन से मिली इम्यूनिटी से भी बच सकता है, इसलिए इसके खतरनाक होने की भी संभावना हो सकती है।
भारत के अलावा ब्रिटेन और अमेरिका में भी कोरोना के डेल्टा और ओमीक्रोन वेरिएंट का कहर बढ़ता जा रहा है। ब्रिटेन में बुधवार को कोविड-19 के रिकॉर्ड 78,610 नए मामले पाए गए, जो देश में अब तक के सर्वाधिक दैनिक मामले हैं। संक्रमण के नए मामलों के लिए कोरोना वायरस के डेल्टा के साथ-साथ ओमीक्रोन वेरिएंट भी मुख्य रूप से जिम्मेदार है।