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Pashu Aadhaar: भैंस का भी बनेगा आधार कार्ड, पीएम नरेंद्र मोदी ने सुनाया बन्नी भैंस का किस्सा, जानिए खासियत

Pashu Aadhaar: केंद्र सरकार अब जानवरों का भी आधार कार्ड बनाने की तैयारी कर रही है। पीएम मोदी ने इंटरनेशनल डेयरी सम्मेलन में इस बात की चर्चा की है। इस दौरान उन्होंने गुजरात की मशहूर बन्नी भैंस का किस्सा भी सुनाया

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 13, 2022 पर 2:06 PM
Pashu Aadhaar: भैंस का भी बनेगा आधार कार्ड, पीएम नरेंद्र मोदी ने सुनाया बन्नी भैंस का किस्सा, जानिए खासियत
बन्नी भैंस अधिक गर्मी और अधिक सर्दी दोनों ही बर्दाश्त कर सकती है।

Pashu Aadhaar: आधार कार्ड की कितनी अहमियत है। यह हम सभी जानते हैं। इसके बिना कई काम अधूरे रह जाते हैं। इस बीच अब केंद्र सरकार पशुओं का भी आधार कार्ड बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय डेयरी सम्मेलन (International Dairy Federation World Dairy Summit) में इस बात पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में डेयरी पशुओं का सबसे बड़ा डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। डेयरी सेक्टर से जुड़े हर पशु की टैगिंग हो रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि जानवरों की जो बायोमीट्रिक पहचान की जा रही है। उसे पशु आधार नाम दिया गया है। इसके जरिए पशुओं की डिजिटल पहचान की जा रही है। इससे जानवरों की सेहत पर नजर रखने के साथ-साथ डेयरी प्रॉडक्ट्स से जुड़े मार्केट को विस्तार करने में मदद मिलेगी।

बन्नी भैंस का सुनाया किस्सा

इस बीच पीएम मोदी ने गुजरात के कच्छ की मशहूर बन्नी भैंस का किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि बन्नी भैंस वहां के रेगिस्तान की परिस्थितियों से घुलमिल गई है। वहां दिन में भयंकर धूप होती है। इसलिए बन्नी भैंस रात के कम तापमान में घास चरने के लिए 15-17 किमी दूर जाती है। पीएम ने कहा कि विदेश से आए हमारे साथी ये जानकर चौंक जाएंगे कि उस समय समय बन्नी भैंस के साथ उसके किसान या पालक साथ नहीं होते हैं। बन्नी भैंस खुद चारागाह में जाती है। फिर घर वापस आ जाती है। पीएम ने कहा कि ऐसा कम होता कि किसी की बन्नी भैंस खो गई हो या गलत घर में चली गई हो। रेगिस्तान में पानी कम होता है। इसलिए बहुत कम पानी में भी बन्नी भैंस का काम चल जाता है।

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