राज्यसभा की कार्यवाही में बाधा डालने और व्यवधान उत्पन्न करने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) को बुधवार को शुक्रवार तक के लिए उच्च सदन से निलंबित कर दिया गया। सिंह पर सदन में मंगलवार को नारेबाजी करते हुए चेयरमैन के आसन पर पेपर फेंकने का आरोप है।
एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही उपसभापति हरिवंश ने कहा कि मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान संजय सिंह आसन के नजदीक आकर नारेबाजी और हंगामा कर रहे थे और इसी बीच उन्होंने कागज के टुकड़ों को आसन की ओर फेंक दिया।
उन्होंने इसे सदन की अवेहलना करार देते हुए संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी मुरलीधरन से उनके निलंबन का प्रस्ताव पेश करने को कहा। मुरलीधरन द्वारा पेश प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किए जाने के बाद हरिवंश ने कहा कि संजय सिंह को इस सप्ताह की शेष बची अवधि के लिए राज्यसभा से निलंबित किया जाता है।
उन्होंने संजय सिंह को सदन से बाहर जाने को कहा लेकिन वह सदन में ही मौजूद रहे। लिहाजा, हरिवंश ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के स्थगित कर दी। 15 मिनट बाद जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तब भी संजय सिंह सदन के अंदर मौजूद थे। हरिवंश ने उनसे बार-बार सदन से बाहर जाने को कहा, लेकिन जब सिंह सदन से बाहर नहीं गए तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
अब तक 24 सांसद हो चुके हैं सस्पेंड
इस मानसून सत्र में अब तक हंगामा करने वाले राज्यसभा में 20 और लोकसभा में 4 सांसदों को सस्पेंड किया जा चुका है। राज्यसभा में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के 7 और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के 6 सदस्यों सहित कुल 19 विपक्षी सदस्यों को शुक्रवार तक के लिए निलंबित कर दिया था। विपक्षी नेताओं ने इसका कड़ा विरोध करते हुए सरकार द्वारा इसे जनता के मुद्दे उठाने से रोकने का कदम बताया था, जबकि सत्ता पक्ष ने कहा था कि यह निर्णय भारी मन से लिया गया है।
18 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र के पहले दिन से ही तमाम विपक्षी दल महंगाई और कुछ खाद्य पदार्थों पर माल और सेवा कर (GST) लगाए जाने के खिलाफ उच्च सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। उपसभापति हरिवंश ने मंगलवार को हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से बार-बार अनुरोध किया कि वे अपने-अपने स्थान पर लौट जाएं और सदन की कार्यवाही में बाधा ना उत्पन्न करें। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों को चेतावनी भी दी, लेकिन उनपर इसका कोई असर नहीं हुआ।
हंगामा ना थमता देख और विपक्षी सदस्यों पर कोई असर ना होता देख संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने 10 सदस्यों को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। लेकिन जब ध्वनि मत से यह पारित हुआ तो हरिवंश ने 19 सदस्यों के नाम लिए और कहा कि इन सदस्यों को सप्ताह की शेष बैठकों से निलंबित किया जाता है।
इससे पहले 25 जुलाई को सदन में तख्तियां दिखाकर प्रदर्शन करने और आसन की अवमानना करने के मामले में कांग्रेस के चार सदस्यों-मणिकम टैगोर, टी एन प्रतापन, जोतिमणि और राम्या हरिदास को चालू सत्र की शेष अवधि के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया था।