समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया जयंत चौधरी के बीच चुनावी गठबंधन पर सहमति कायम होने के बाद आज मेरठ में सपा-रालोद की पहली संयुक्त रैली से गठबंधन के चुनाव प्रचार की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। दोनों पार्टियों के बीच आगामी यूपी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर मंथन चल रहा है। सपा-रालोद गठबंधन की पहली रैली में भारी भीड़ जुटाने के लिए दोनों दलों के नेता शिद्दत से जुटे हैं।
सपा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अखिलेश और जयंत मंगलवार को दिन में 11 बजे मेरठ पहुंचेंगे। यहां से वह के सरधना थानाक्षेत्र में स्थित दबथुला में रैली स्थल के लिए रवाना होंगे। दोपहर 12 बजे अखिलेश संयुक्त रैली को संबोधित करेंगे। गठबंधन के बैनर तले आयोजित होने जा रही पहली संयुक्त रैली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा रालोद के साझा चुनाव अभियान के आगाज के तौर पर देखा जा रहा है।
सीटों के बंटवारे की हो सकती है घोषणा
माना जा रहा है कि दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे की घोषणा भी रैली के मंच से की जा सकती है। इससे यह खुलासा हो सकेगा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कितनी सीटों पर सपा लड़ेगी और कितनी सीटों पर रालोद। सूत्रों के अनुसार गठबंधन को लेकर शुरुआती बातचीत में रालोद ने 50 सीटों की मांग की थी। फिलहाल दो दर्जन सीटों पर रालोद उम्मीदवार उतारने पर सहमति बन गई है। इनमें सहारनपुर मंडल की 16 में से 10 सीटों पर सपा और छह पर रालोद के उम्मीदवारों की पहचान कर लिए जाने की चर्चा है।
BJP के मजबूत किले में सेंधमारी!
सपा और रालोद ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस गठबंधन को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मजबूत किले में सेंधमारी के प्रयोग को सफल बनाने का मूल आधार बताया है। बता दें कि रालोद और सपा के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कुछ सीटों पर बंटवारे का पेंच अभी भी फंसा है। हालांकि सपा रालोद गठबंधन की सच्चाई को मतदाताओं तक पहुंचाने के लिये मेरठ में साझा रैली आयोजित की गई है।
इस बीच रालोद प्रमुख जयंत ने भी सोमवार को दिल्ली में दिये अपने एक बयान में सपा के साथ चुनावी गठबंधन पर पक्की मुहर लगने का स्पष्ट संदेश दिया है। जयंत ने कहा कि सपा रालोद के गठबंधन की औपचारिक घोषणा पिछले दिनों लखनऊ में अखिलेश से मुलाकात के साथ ही हो गई थी। उन्होंने बीजेपी के साथ भी गठबंधन को लेकर रालोद की बातचीत जारी रहने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अखिलेश से दोस्ती पक्की है।