Amritpal Singh News: जेल में बंद पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह ने लोकसभा सत्र में शामिल होने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है। शिरोमणि अकाली दल (वारिस पंजाब डे) की स्थापना के दो हफ्ते बाद अमृतपाल सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में उसने संसद सत्रों में भाग लेने और गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने की इजाजत देने की मांग की है। पंजाब पुलिस ने गुरप्रीत सिंह हरीनौ हत्याकांड के मामले में सांसद अमृतपाल सिंह और आतंकी अर्श डल्ला समेत अन्य आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा लगाई है।
गुरप्रीत सिंह हरीनौ को पिछले साल 9 अक्टूबर को मोटरसाइकिल सवार शूटरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। पंजाब पुलिस की SIT ने मामले की जांच के दौरान सांसद अमृतपाल सिंह और आतंकी अर्श डल्ला को नामजद किया था। इसके अलावा हत्याकांड में शामिल दोनों शूटरों, रेकी करने वाले तीन आरोपियों और उनके सहआरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में असम की जेल में बंद हैं।
एसपी जसमीत सिंह ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अमृतपाल सिंह और अर्श डल्ला समेत अन्य आरोपियों पर यूएपीए की धारा लगाई गई है। इसकी जानकारी अदालत को लिखित रूप में दी जा चुकी है। अब यूएपीए लागू होने के बाद अमृतपाल सिंह की मुश्किलें और बढ़ सकती है। अभी मामले की जांच जारी है।
गुरप्रीत सिंह हरीनौ की 10 अक्टूबर, 2024 को उसके घर के पास दो मोटरसाइकिल सवारों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई करते हुए इस केस में अन्य आरोपियों के साथ सांसद अमृतपाल सिंह खालसा और आतंकी अर्श डल्ला को भी नामजद किया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों शूटरों, रेकी करने वाले तीन आरोपियों और कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में पिछले साल 23 अक्टूबर को कोटकपूरा पुलिस ने एफआईआर में BNS की धारा 111 जोड़ी थी।
खडूर साहिब से सांसद और "वारिस पंजाब दे" के प्रमुख वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। पाल ने याचिका में कहा, "गणतंत्र दिवस समारोह और संसदीय सत्रों में याचिकाकर्ता की भागीदारी राष्ट्रीय महत्व और सार्वजनिक हित का मामला है। यह लोकतंत्र की समग्रता और संविधान में निहित मौलिक मूल्यों का प्रतीक है।" याचिका में अमृतपाल सिंह ने तर्क दिया है कि वह "निर्वाचन क्षेत्र के 19 लाख से अधिक मतदाताओं" का प्रतिनिधित्व करने वाले एक निर्वाचित सांसद हैं।
सिंह ने यह भी कहा कि उसे संसदीय सत्रों में भाग लेने और विधायी बहसों में भाग लेने के लिए बाध्य किया जाता है। ताकि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की चिंताओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकें। साथ ही एक सांसद के रूप में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा कर सकें। याचिकाकर्ता ने कहा है कि उन्होंने 30 नवंबर, 2024 को चल रहे संसदीय सत्रों में भाग लेने की अनुमति के लिए लोकसभा स्पीकर को एक औपचारिक अनुरोध किया था, लेकिन उन्हें इजाजत नहीं मिली।