Aadhaar: 19 लाख लोगों को आधार कार्ड जारी करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाएगी असम सरकार! NRC अपडेट के दौरान कर दिया गया था लॉक

Aadhaar कार्ड न होने की वजह से लोगों को यह डर है कि वे सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं

अपडेटेड Apr 13, 2022 पर 7:01 PM
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Aadhaar कई कल्याणकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए जरूरी दस्तावेज है

असम सरकार जल्द ही करीब 19 लाख लोगों को आधार कार्ड जारी करने के लिए कैबिनेट में एक प्रस्ताव ला सकती है। दरअसल, असम में उन लोगों को आधार कार्ड नहीं मिल पाया है जिनके नाम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की पूरक सूची में है। आधार कार्ड न होने की वजह से लोगों को यह डर है कि वे सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। ऐसे लोगों को आधार कार्ड देने का फैसला अगली कैबिनेट की बैठक में हो सकता है।

असम सरकार की तरफ से पिछले दिनों उन पात्र लोगों के आधार कार्ड जारी नहीं करने के मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाया गया था। इन लोगों के बायोमीट्रिक डिटेल्स को एनआरसी को अपडेट करने की प्रक्रिया के दौरान लॉक कर दिया गया था। बता दें कि आधार कार्ड कई कल्याणकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए जरूरी दस्तावेज है।

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असम ने मार्च 2023 तक आधार को पैन कार्ड से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की डेडलाइन को भी ध्यान में रखा है। CBDT के आदेश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति 30 जून तक आधार और पैन को लिंक करने में विफल रहता है तो 500 रुपये का जुर्माना होगा, और उसके बाद जुर्माना बढ़कर 1,000 रुपये हो जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद सुष्मिता देव ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है। उनकी याचिका पर कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, असम सरकार और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) को नोटिस जारी किया था।

इस नोटिस में पूछा गया है कि क्या असम की अंतिम पूरक NRC लिस्ट में आए लोगों का आधार कार्ड बनाया जा सकता है या नहीं? सूत्रों ने कहा कि असम सरकार जल्द ही आधार जारी करने की अनुमति देने वाला कैबिनेट में एक प्रस्ताव ला सकती है।

19 लाख लोग प्रभावित

NRC प्रक्रिया के दौरान 27 लाख से अधिक लोगों के बायोमीट्रिक लिए गए थे। इनमें से 19 लाख लोगों के नामों को 31 अगस्त 2019 को प्रकाशित एनआरसी के अंतिम मसौदे में शामिल नहीं किया गया था। इन लोगों को अब आधार कार्ड बनवाने में दिक्कत आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, बायोमीट्रिक डेटा लॉक है। शीर्ष अदालत रजिस्टर को अपडेट करने की प्रक्रिया की निगरानी कर रही है।

सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री रंजीत कुमार दास ने पिछले दिनों विधानसभा में कहा था कि राज्य सरकार को मालूम है कि कई पात्र लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है, क्योंकि उनके पास आधार कार्ड नहीं है। उन्होंने कहा था कि लाभ लेने के लिए अपने बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ना अनिवार्य है।

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