Ayodhya Deepotsav 2024: इस साल जनवरी में राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद राम नगरी अयोध्या में बुधवार (30 अक्टूबर) को पहली बार भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। भव्य दीपोत्सव समारोह के तहत सरयू नदी के तट पर लाखों दीये जलाए गए। योगी सरकार का लक्ष्य सरयू नदी के किनारे 25 लाख दीये जलाकर पिछले साल के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ना है। राज्य सरकार ने अयोध्या में सरयू के तट पर 28 लाख से ज्यादा दीये प्रज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड कायम करने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने स्थानीय कारीगरों से 28 लाख दीये मंगवाए हैं, ताकि अगर किसी कारण से 10 फीसदी दीये खराब भी हो जाएं तो भी 25 लाख दीये प्रज्वलित करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
सीएम योगी ने की भगवान राम की आरती
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के परिसर में दीये जलाए। सीएम आदित्यनाथ के शासनकाल में अयोध्या में यह आठवां दीपोत्सव कार्यक्रम है। अयोध्या बुधवार को तब उत्सव के माहौल में सराबोर हो गई, जब आठवें दीपोत्सव समारोह के तहत रामायण के पात्रों की जीवंत झांकियों के साथ एक जुलूस मंदिर नगरी से गुजरा। श्री राम के सीता और लक्ष्मण, श्री हनुमान और अन्य लोगों के साथ 'पुष्पक विमान' (हेलीकॉप्टर) से अयोध्या पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने उनका स्वागत किया।
भगवान राम के रथ को मुख्यमंत्री और अन्य लोगों ने राम दरबार स्थल तक खींचकर पहुंचाया। इसके बाद सीएम आदित्यनाथ ने उनकी आरती उतारी। बुधवार को शहर में उत्सव का माहौल रहा। छोटी दीपावली के अवसर पर अयोध्या में बुधवार को भव्य दीपोत्सव समारोह के तहत झांकियों की एक शोभायात्रा निकाली गई। रामायण के प्रसंगों को दर्शाती झांकियों में देशभर के शास्त्रीय नर्तकों की प्रस्तुति ने राम पथ पर अपना जादू बिखेरा।
सीएम योगी की अयोध्यावसियों से अपील
दीपोत्सव समारोह के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि डबल इंजन (केंद्र और यूपी) की सरकार ने जो कहा था वह किया। भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है और हम सनातन धर्म तथा मानवता के मार्ग में आने वाला हर बैरियर हटाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में हमसे कहा गया है कि मंदिर बनाओ..अब मंदिर बन गया। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या के लोगो को साबित करना है। सीएम ने कहा कि मां सीता की अग्नि परीक्षा बार-बार नहीं होनी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा, "डबल इंजन की सरकार ने जो कहा था वह कर दिया, अब अयोध्या की बारी है...अयोध्या को फिर से अपने आप को साबित करने की बारी है। और याद रखना मां सीता की अग्नि परीक्षा बार-बार नहीं होनी चाहिए। हमें इस अभिशाप से निकलना ही होगा। अयोध्या को भव्य और दिव्य रूप देना ही होगा। इसके लिए अयोध्यावासियों को एक बार फिर से आगे आना होगा...।"
सीएम योगी ने आगे कहा, "यह वर्ष अयोध्या के लिए अद्भुत, अनुपम, अलौकिक है जब इस वर्ष 500 वर्षों का इंतजार समाप्त करके एक बार फिर राम लला अपने धाम में विराजमान होकर दुनिया के सभी पीड़ितों को ये संदेश दे गए कि कभी भी अपने पथ से विचलित नहीं होना चाहिए। आज हमारे पास यह अवसर है उन सभी आत्माओं को स्मरण करने का जिनका पूरा जीवन राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए समर्पित था।"
उन्होंने कहा, "मैं इस अवसर पर उन सभी पूज्य संतों को नमन करता हूं। जो 3.5 लाख की संख्या में अपनी शहादत देकर एक ही तमन्ना के साथ इस धरा से अल्विदा हो गए कि अयोध्या में चाहें कुछ भी हो इस धरा पर राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। सीएम ने कहा कि उनका संकल्प पूरा हुआ। राम लला के विराजमान होने के बाद ये दीपोत्सव का पहला अवसर है। इससे पहले हम लोग बोलते थे और जो हमने कहा वो करके भी दिखाया।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म ने कभी किसी का अहित नहीं किया, सबको गले से लगाया...जो भी मानवता के मार्ग में, विकास के मार्ग में बैरियर बनेगा, उसकी वही दुर्गति होनी है जो उत्तर प्रदेश के माफियाओं की हुई है। यूपी सरकार ने घाटों पर पांच से छह हजार लोगों की मेजबानी की व्यवस्था की है। अन्य लोगों हेतु कार्यक्रम के सीधा प्रसारण के लिए 40 विशाल LED स्क्रीन लगाई गई हैं।